उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार ने चौधरी अजीत सिंह को लेकर बड़ा ऐलान किया है. सरकार ने गाजियाबाद के जनता पीजी कॉलेज का नाम बदल दिया है. अब यह कॉलेज चौधरी अजीत सिंह पीजी कॉलेज के नाम से जाना जाएगा. उच्च शिक्षा विभाग ने नाम बदलने के प्रस्ताव पर कार्रवाई पूरी की.

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की कार्य परिषद ने नाम बदलने की संस्तुति की थी. जिसके बाद शासन स्तर पर नियमानुसार कार्रवाई के बाद कॉलेज का नाम बदला गया.

अजीत सिंह के नाम को सरकारी संस्थान से जोड़ने का फैसला

दरअसल 2027 चुनाव से पहले पश्चिमी यूपी में अजीत सिंह के नाम को सरकारी संस्थान से जोड़ने का फैसला योगी सरकार ने किया है. अजीत सिंह की पहचान किसान राजनीति और पश्चिमी यूपी की सियासत से जुड़ी रही है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। गाजियाबाद समेत पश्चिमी यूपी में जाटकिसान राजनीति अहम चुनावी फैक्टर मानी जाती है.

ऐसे वक्त में नामकरण अहम माना जा रहा है, जब 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर पश्चिमी यूपी में सियासी गतिविधियां तेज हैं. गाजियाबाद में भी 2027 को लेकर राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ी हुई है.

चौधरी अजीत सिंह के योगदान को सम्मान

हालांकि सरकार की ओर से इसे चौधरी अजीत सिंह के सामाजिक, शैक्षिक और कृषि क्षेत्र में योगदान को सम्मान देने का कदम बताया गया है. सरकार ने कहा कि महापुरुषों के सम्मान और युवा पीढ़ी को उनके योगदान से जोड़ने की दिशा में उठाया गया यह कदम है. सरकार ने कॉलेज प्रबंधन के प्रस्ताव पर चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की संबद्धता समिति ने सहमति दी थी. विश्वविद्यालय कार्य परिषद का प्रस्ताव उच्च शिक्षा विभाग ने मंजूर कर लिया है.

स संबंध में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ ही महापुरुषों के गौरवशाली योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है.