सरकार आम लोगों को प्याज की ऊंची कीमतों से राहत देने के लिए राजधानी में 35 रुपए प्रति किलो के भाव पर इसकी बिक्री करेगी. यह मौजूदा औसत रिटेल कीमतों कीमतों से लगभग 36 फीसदी कम है. वैसे दिल्ली के कई इलाकों में प्याज की कीमतें 70 रुपए प्रति किलोग्राम के पार चली गई हैं. इसका मतलब है कि प्याज की कीमतें आधी कीमत पर बेचने का सरकार का प्लान है. केंद्र सरकार प्याज का स्टॉक मुख्य उत्पादक राज्य महाराष्ट्र से मंगा रही है, जहां केंद्र ने कीमतों में किसी भी तरह की बढ़ोतरी से निपटने के लिए बफर स्टॉक बनाए रखा है. 800 टन प्याज की पहली खेप बुधवार को ‘कांदा एक्सप्रेस’ से राजधानी पहुंचेगी.

800 टन प्याज पहुंचेगी दिल्ली

मंगलवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने कहा कि कांदा एक्सप्रेस दिल्ली में लगभग 800 टन प्याज ला रही है, जिसे नाफेड, एनसीसीएफ और केंद्रीय भंडार के स्टोर पर 35 रुपये प्रति किलो के भाव पर बेचा जाएगा. उन्होंने कहा कि बड़ी मात्रा में प्याज को खास रेलवे रैक के जरिये चार अन्य केंद्रों चेन्नई, एर्नाकुलम, मदुरै और गुवाहाटी तक भी पहुंचाया जा रहा है. इन खपत वाले केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा प्याज महाराष्ट्र के नासिक में रखा गया बफर स्टॉक है.

Coming Soon: Kanda Express is bringing about 800 metric tons of onions to Delhi to be sold at Rs. 35/kg at NAFED, NCCF and Kendriye Bhandar stores.
Kanda Express will initially reach Chennai, Ernakulam, Madurai and Guwahati.#Consumeraffairs #JagoGrahakJago #KandaExpress pic.twitter.com/QSqKqXhCZq

— Nidhi Khare August 25, 2026

कीमतों में बढ़ोतरी को रोकने के लिए इस स्टॉक को जारी किया जा रहा है. उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्याज की अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत एक महीने में 28 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 25 अगस्त को 44.72 रुपये प्रति किलो हो गई, जो 25 जुलाई को 34.80 रुपये प्रति किलो थी. एक साल पहले इसी दिन कीमत 28.67 रुपये प्रति किलो थी, जो 56 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी है.

दिल्ली में थोक भाव हुए दोगुने

महाराष्ट्र में बारिश के कारण परिवहन और स्टॉक की आवक सीमित रहने के कारण पिछले कुछ दिन में दिल्ली की थोक मंडी में प्याज की कीमतें दोगुनी हो गई हैं. आजादपुर मंडी में सब्जी के थोक व्यापारी संजय भगत ने कहा कि प्याज की थोक कीमत पहले के 25 रुपए प्रति किलो से बढ़कर लगभग 50 रुपए प्रति किलो हो गई है, जिसका असर खुदरा बाजार में भी दिख रहा है. भगत ने कहा कि महाराष्ट्र में बारिश के कारण परिवहन और दिल्ली तक प्याज की आवाजाही प्रभावित हुई है. स्टॉक सीमित हो गया है, जिससे कीमतें बढ़ गई हैं. उन्होंने कहा कि व्यापारी अलवर और दक्षिणी राज्यों सहित वैकल्पिक रास्तों से भी दिल्ली प्याज ला रहे हैं, लेकिन इन क्षेत्रों से आपूर्ति सीमित है क्योंकि वे नई फसल के आने का इंतजार कर रहे हैं. आजादपुर सब्जी मंडी के महासचिव अनिल ने कहा कि महाराष्ट्र से आवक में रुकावट ने दिल्ली में प्याज की आपूर्ति पर दबाव डाला है.

70 रुपए तक पहुंचे रिटेल दाम

सदर बाजार इलाके के सब्जी व्यापारी टोनी सिंह ने कहा कि प्याज की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं और अब खुदरा बाजार में यह लगभग 6070 रुपए प्रति किलो बिक रहा है. ग्राहक ऊंची कीमतों की शिकायत कर रहे हैं और कई लोग अपनी खरीदारी कम कर रहे हैं. एक आम घर के लिए, प्याज की कीमतों में थोड़ी सी भी बढ़ोतरी से फर्क पड़ता है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 24 अगस्त को प्याज की अखिल भारतीय औसत खुदरा कीमत सालाना आधार पर 59 प्रतिशत बढ़कर 43.53 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई, जो एक साल पहले 27.37 रुपए प्रति किलोग्राम थी. दिल्ली में, सोमवार को प्याज की औसत खुदरा कीमत 55 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जबकि एक साल पहले यह 35 रुपये प्रति किलोग्राम थी.