Noida News: दिल्लीएनसीआर में सर्दियों के दस्तक देते ही वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. इसका सीधा असर नोएडा और ग्रेटर नोएडा में देखने को मिलेगा. हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंचते ही ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान के तहत अलगअलग चरणों में सख्त पाबंदियां लागू की जा रही हैं. इस बार नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने प्रदूषण पर नकेल कसने के लिए निगरानी केंद्रों की संख्या 47 से बढ़ाकर 60 करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई के लिए 34 विशेष टीमों की तैनाती की है.

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में प्रदूषण की रियलटाइम मॉनिटरिंग और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष योजना बनाई गई है. वायु गुणवत्ता की सटीक निगरानी के लिए मॉनिटरिंग स्टेशनों की संख्या 47 से बढ़ाकर 60 कर दी गई है. नियमों का उल्लंघन करने वालों, खुले में कचरा जलाने और निर्माण स्थलों पर धूल उड़ाने वालों पर जुर्माना लगाने के लिए 34 टीमें मैदान में उतरेंगी. एआई आधारित सेंट्रल कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के जरिए विभागों के बीच तालमेल बढ़ाया जाएगा ताकि शिकायतों का निस्तारण तुरंत हो सके.
नोएडाग्रेटर नोएडा में इन गतिविधियों पर बढ़ेगी सख्ती
प्रदूषण का स्तर बढ़ने के साथ ही शहर में कई दैनिक गतिविधियों पर कड़े प्रतिबंध देखने को मिलेंगे. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के लिए एंटीस्मॉग गन का उपयोग अनिवार्य होगा तथा सड़कों की मशीनी सफाई और पानी का छिड़काव तेज किया जाएगा. ग्रैप के अगले चरण लागू होते ही निर्माण और तोड़फोड़ के कार्यों, डीजल जनरेटर के इस्तेमाल और प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगेंगे. वायु गुणवत्ता गंभीर स्तर पर पहुँचने पर वाहनों की आवाजाही और प्राथमिक स्कूलों की कक्षाओं को ऑनलाइन करने जैसे कड़े कदम उठाए जा सकते हैं.
पिछले साल से भी खराब हालात: ग्रेटर नोएडा का AQI 274 दर्ज
अक्टूबर महीने की शुरुआत से ही हवा जहरीली होने के संकेत मिलने लगे हैं. 18 अक्टूबर 2026 को ग्रेटर नोएडा का एयर क्वालिटी इंडेक्स 274 दर्ज किया गया, जबकि पिछले साल इसी तारीख को यह 248 था. बीते वर्षों में सर्दियों के दौरान नोएडा का एक्यूआई 397 के खतरनाक स्तर तक पहुँच चुका है, जिसको देखते हुए इस बार शुरुआती स्तर से ही कड़ाई की जा रही है.
पूरे एनसीआर में ग्रेप के तहत लागू होंगी पाबंदियां
दिल्ली में GRAP1 लागू होते ही पूरे दिल्लीNCR में पाबंदियों का दायरा बढ़ गया है. 1 नवंबर के बाद दिल्लीएनसीआर में BS6 से नीचे के डीजल/पेट्रोल वाहनों पर कड़े नियम और प्रतिबंध लागू रहेंगे. प्राधिकरण, नगर निगम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और यातायात पुलिस मिलकर सड़कों की धूल, खुले में कचरा जलाने और धुआं छोड़ते वाहनों पर संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगे.



