
बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में जनवरी 2026 में 35 वर्षीय महिला कमला राजपूत की सड़ी-गली लाश जंगल में मिली थी। लाश की हालत ऐसी थी कि महिला की पहचान कर पाना काफी चुनौती पूर्ण था। इसी बीच महिला के हाथ में बने टैटू ‘केके’ के आधार पर महिला की पहचान की गई।
पुलिस ने मामले में महिला के प्रेमी नेमीचंद साहू को गिरफ्तार किया और कड़ाई से पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया था कि उसने ही प्रेमिका कमला राजपूत की हत्या की थी। कोर्ट ने अब इस मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा से दंण्डित किया है।
जानिए पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, ये पूरा मामला 24 जनवरी 2026 का है। डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र के ग्राम गुरामी डैम के पास जंगल में एक महिला की सड़ी-गली लाश मिली थी। शव एक सप्ताह पुराना था और महिला की पहचान कर पाना पुलिस के लिए काफी चुनौती पूर्ण था।
पुलिस ने महिला के कलाई पर बने “kk” टैटू के आधार पर उसकी पहचान कर उसके परिजनों तक पहुंची। पूछताछ में पुलिस को पता चला कि महिला का प्रेम संबंध तरौद निवासी 29 वर्षीय नेमीचंद साहू के साथ था। 16 जनवरी को महिला नेमीचंद के साथ डौंडीलोहारा घूमने के लिए गई थी।
जंगल में हत्या
पुलिस ने पूछताछ के बाद संदेही नेमीचंद को गिरफ्तार किया। आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि 16 जनवरी को गुरामी डैम महिला को लेकर पहुंचा था। जंगल में आरोपी ने जमकर शराब पी थी।
नशे में आरोपी ने महिला का मोबाइल खंगाला। इस दौरान आरोपी को पता चला कि महिला का अन्य व्यक्तियों के साथ भी संपर्क है। इस बात से नाराज होकर नेमीचंद महिला से शादी करने का दबाव बनाने लगा।
महिला द्वारा बार-बार मना करने पर आरोपी ने विवाद करते हुए गला दबाया, जिससे कमला राजपूत बेहोश हो गई। आरोपी ने कमला को बेहोशी की हालत में जंगल तक घसीटा और फिर वहां रखे पत्थर से सिर कुचलकर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद शव के उपर पत्थर ढक मौके से फरार हो गया था।
पुलिस की कार्रवाई
थाना डौंडी लोहारा क्षेत्र में घटित एक सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर के मामले में पुलिस की प्रभावी व वैज्ञानिक विवेचना के परिणामस्वरूप आरोपी को माननीय DJ न्यायालय द्वारा आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया गया है। प्रकरण थाना डौंडी लोहारा के अपराध क्रमांक 19/26, धारा 103(1), 238 भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत पंजीबद्ध किया गया था।
मृतिका की पहचान बड़ी चुनौती
घटना की शुरूआती जाँच में मृतिका की पहचान पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। मृतिका के हाथ पर अंग्रेजी अक्षरों में “K.K.” का टैटू बना हुआ था। पुलिस ने इस टैटू को महत्वपूर्ण पहचान की कड़ी के रूप में लेते हुए तकनीकी एवं मैदानी स्तर पर जांच प्रारंभ की।
लगातार प्रयास व जांच के दौरान मृतिका की पहचान बालोद के ग्राम पाररास निवासी कमला राजपूत के रूप में की गई। मृतिका की पहचान होने के बाद पुलिस ने उसके संपर्कों, गतिविधियों एवं घटना से जुड़े प्रत्येक पहलू की गहनता से जांच की।
आजीवन कारावास
मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक मुकेश सिंह द्वारा प्रकरण की विवेचना को प्राथमिकता देते हुए थाना एवं साइबर सेल पुलिस टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जाँच के दौरान घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण कर महत्वपूर्ण भौतिक व परिस्थितिजन्य साक्ष्य संकलित किए गए। इसके साथ ही तकनीकी साक्ष्यों, वैज्ञानिक जांच व मैदानी विवेचना का प्रभावी उपयोग किया गया। उपलब्ध तकनीकी जानकारी का विश्लेषण कर घटनाक्रम की कड़ियों को आपस में जोड़ा गया, जिससे पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल हुई। साथ ही आरोपी को आजीवन कारावास की सजा दी गई।


