Friday, April 3, 2026
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रुपये में आज 12 साल की सबसे लंबी छलांग, 1 डॉलर की कीमत अब इतनी!..

रुपये में आज 12 साल की सबसे लंबी छलांग, 1 डॉलर की कीमत अब इतनी!..
रुपये में आज 12 साल की सबसे लंबी छलांग, 1 डॉलर की कीमत अब इतनी!..

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये ने आज 12 साल में सबसे लंबी छलांग लगाई। आज अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 156 पैसे मजबूत होकर 93.14 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ। रुपये में यह छलांग RBI के दखल के बाद आया है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 27 मार्च, 2026 को जारी परिपत्र के जरिये बैंकों के लिए रुपये में नेट ओपन पोजिशन की सीमा 10 करोड़ डॉलर तय कर दी और 10 अप्रैल तक इसका अनुपालन अनिवार्य कर दिया था। इसके चलते 10 अप्रैल की समयसीमा तक बैंकों की ओर से डॉलर बिकवाली जारी रहने का अनुमान है। इससे रुपये मेंं इतनी बड़ी तेजी आई है। उल्लेखनीय है कि रुपये में ईरान युद्ध के चलते लगातार बड़ी गिरावट आ रही थी।

95 तक टूट गया था रुपया
इससे पहले, रुपया सोमवार को 95 के स्तर के पार चला गया था। शुक्रवार को यह 94.84 प्रति डॉलर के ऐतिहासिक निचले स्तर पर बंद हुआ था। हालांकि, उसके बाद आरबीआई की तरफ से उठाए गए कई कदमों ने इसे समर्थन दिया। इसके अलावा, केंद्रीय बैंक ने बैंकों को ऑनशोर फॉरवर्ड बाजार में गैर-वितरणीय डेरिवेटिव अनुबंध देने से भी रोक दिया है। साथ ही, आरबीआई ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी रद्द किए गए विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव अनुबंध को दोबारा बुक करने की अनुमति नहीं होगी। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इन कदमों का उद्देश्य रुपये पर सट्टा दबाव को कम करना है। विदेशी मुद्रा विश्लेषकों ने कहा कि इन नियामकीय कदमों के चलते बैंकों को अपनी ओपन पोजिशन कम करने के लिए डॉलर की बिक्री करनी पड़ी, जिससे रुपये को मजबूती मिली। विदेशी मुद्रा बाजार मंगलवार को महावीर जयंती के कारण बंद रहे, जबकि बुधवार को बैंकों के वार्षिक लेखा समापन के चलते कारोबार नहीं हुआ।

डॉलर इंडेक्स में तेजी
दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.60 प्रतिशत बढ़कर 100.05 पर रहा। इस बीच, लगातार बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य की वजह से अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 6.84 प्रतिशत चढ़कर 108 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। ईरान युद्ध की वजह से भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से रुपये की कीमत में 28 फरवरी से चार प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 में यह करीब 10 प्रतिशत कमजोर हुआ है।

इस बीच, घरेलू शेयर बाजार में तेजी रही। बेहद उतार-चढ़ाव भरे सत्र में बीएसई सेंसेक्स 185.23 अंक चढ़कर 73,319.55 अंक पर और एनएसई निफ्टी 33.70 अंक बढ़कर 22,713.10 अंक पर बंद हुआ। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 8,331.15 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की।

me.sumitji@gmail.com

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