
देश के करोड़ों परिवारों के लिए रसोई गैस से जुड़ी एक बेहद जरूरी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। अगर आप भी घर में एलपीजी (LPG) सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं, तो यह नया अपडेट आपके सीधे बजट पर असर डालने वाला है। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत मिलने वाली अतिरिक्त सब्सिडी के नियमों में एक बड़ा और अचानक बदलाव कर दिया है।
इस नए फैसले का सीधा असर उन करोड़ों परिवारों पर पड़ने जा रहा है, जो उज्ज्वला योजना के लाभार्थी हैं और हर महीने रसोई गैस पर मिलने वाली सरकारी छूट के भरोसे अपना घर चलाते हैं। आइए जानते हैं कि सरकार के इस नए आदेश में क्या है और इससे आपकी जेब पर कितना बोझ बढ़ने वाला है।
अब साल में सिर्फ इतने सिलेंडरों पर ही मिलेगी ₹300 की छूट
सरकार की तरफ से लागू की गई नई व्यवस्था के मुताबिक, अब उज्ज्वला योजना के पात्र लाभार्थियों को साल भर में केवल शुरुआती 4 एलपीजी सिलेंडरों पर ही ₹300 की अतिरिक्त सब्सिडी का फायदा दिया जाएगा। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। आपको बता दें कि इससे पहले सरकार की तरफ से पूरे 9 सिलेंडरों पर यह अतिरिक्त सहायता दी जा रही थी, लेकिन अब इसकी सीमा को काफी घटा दिया गया है। हालांकि, राहत की बात बस इतनी है कि सरकार की तरफ से मिलने वाली यह सब्सिडी राशि पहले की तरह ही सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में (DBT के जरिए) ट्रांसफर की जाएगी।
आखिर सरकार को क्यों उठाना पड़ा यह बड़ा कदम?
इस अचानक किए गए बदलाव के पीछे सरकार ने अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों का हवाला दिया है। सरकार का कहना है कि वैश्विक स्तर पर एलपीजी की कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है। दुनिया भर में बढ़ती ऊर्जा लागत और पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के कारण गैस की कीमतों पर दबाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। इन्हीं सब अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए और सरकारी खजाने के खर्च को संतुलित रखने के लिए सब्सिडी व्यवस्था में यह बड़ा संशोधन किया गया है।
करोड़ों लाभार्थियों पर क्या होगा इसका सीधा असर?
इस नए नियम के लागू होने के बाद अब उज्ज्वला योजना से जुड़े गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को पहले के मुकाबले काफी कम सिलेंडरों पर अतिरिक्त आर्थिक मदद मिल पाएगी। ऐसे में जिन बड़े परिवारों की सालाना गैस की खपत 4 सिलेंडरों से ज्यादा है, उन्हें अब पांचवें सिलेंडर से पूरी कीमत चुकानी होगी। इससे उनके मासिक और सालाना रसोई बजट में अच्छा-खासा अतिरिक्त खर्च जुड़ जाएगा, जिससे आम जनता की चिंताएं बढ़ सकती हैं।
घरेलू बजट बिगड़ने का सता रहा है डर
खासकर ग्रामीण इलाकों और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए यह एलपीजी सब्सिडी एक बहुत बड़ा सहारा रही है। अचानक नियमों में हुए इस बदलाव को कई परिवार अपने घर के जरूरी मासिक खर्चों से जोड़कर देख रहे हैं। लोगों का मानना है कि इस कटौती के बाद आने वाले दिनों में उनके घर का पूरा बजट पूरी तरह गड़बड़ा सकता है।
क्या है इस मामले पर सरकार का तर्क?
इस पूरे मामले पर सरकार का कहना है कि उसका मुख्य उद्देश्य अभी भी जरूरतमंद परिवारों को सहायता देना ही है। लेकिन लगातार बदलती वैश्विक परिस्थितियों, युद्ध के हालातों और हर दिन बढ़ती लागत को देखते हुए सब्सिडी के इस ऊंचे ढांचे में कुछ जरूरी सुधार और संशोधन करना बेहद अनिवार्य हो गया था।



