बर्थडे के बहाने होटल ले गया, नशीली गोलियां खाकर रातभर नोचा जिस्म; जब अंदरूनी चोटों से तड़पी मासूम तो बाइक पर लादकर...पुलिस ने दबोचा हैवान!

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के शिकोहाबाद से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने हर किसी का खून खौला कर रख दिया है. रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार पर अपने घर लौट रही 21 साल की एक युवती के साथ उसके ही पुराने दोस्त ने ऐसी घिनौनी और हैवानियत भरी वारदात को अंजाम दिया. मृतका ने बीएससी और नर्सिंग का कोर्स करने के बाद गुरुग्राम में ब्लिंकिट (Blinkit) कंपनी में नौकरी शुरू की थी. आरोपी राहुल उर्फ नितिन ने अपने जन्मदिन (26 अगस्त) का बहाना बनाकर युवती को मिलने के लिए बुलाया और उसे बहला-फुसलाकर मयमाई के एक होटल में ले गया. वहां आरोपी ने नशीली (शक्तिवर्धक) दवाएं खाई और युवती के साथ जबरदस्ती करने लगा. जब युवती ने रात ढाई बजे दोबारा विरोध किया, तो दरिंदे राहुल ने उसका सिर दीवार पर जोर से पटक दिया, जिससे उसे गंभीर अंदरूनी चोटें आईं और अत्यधिक ब्लीडिंग के कारण उसकी मौत हो गई. इस खौफनाक हत्याकांड के बाद से पूरे इलाके में कोहराम मचा हुआ है और लोगों में भारी आक्रोश है.

जन्मदिन का झांसा देकर लाया होटल, नशीली दवा खाकर की हैवानियत

पुलिस पूछताछ और जांच में यह खुलासा हुआ है कि मृतका और आरोपी राहुल दोनों बारहवीं तक एक साथ पढ़े थे, जिसके चलते वे एक-दूसरे को पहले से जानते थे. रक्षाबंधन के मौके पर 26 अगस्त को दोपहर 12 बजे युवती गुरुग्राम से अपने गांव नासिरपुर लौट रही थी. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। तबीयत ठीक न होने के कारण उसने रास्ते में अपनी सहेली के घर रुककर अपना बैग वहां छोड़ा और सहेली के फोन से घर पर बात भी की. रात करीब 10 बजे राहुल ने उसे मिलने के बहाने बुलाया और अपने साथी अभिषेक की मदद से पहले ही होटल में एक कमरा बुक करवा रखा था. होटल के कमरे में पहुंचने के बाद शातिर राहुल ने पहले ही नशीली दवाएं खा ली. आरोप है कि उसने युवती के साथ जबरदस्ती संबंध बनाए और बदसुलूकी की जिससे उसके संवेदनशील अंगों से खून बहने लगा. रात करीब ढाई बजे जब आरोपी ने दोबारा उसके साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की, तो युवती ने इसका कड़ा विरोध किया. विरोध करने से गुस्साए दरिंदे ने उसका सिर दीवार पर दे मारा, जिससे वह बुरी तरह लहूलुहान होकर अहोश हो गई और उसकी हालत बेहद गंभीर हो गई.

मोटरसाइकिल पर लादकर ले गए अस्पताल, पुलिस को देख भागा दोस्त

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, जब युवती की हालत गंभीर हो गई और वह खून से लथपथ हो गई, तो आरोपी राहुल और उसका मददगार दोस्त अभिषेक उसे बाइक पर लेकर अस्पताल भागे. राहुल बाइक चला रहा था, जबकि उसका दोस्त पीछे बैठा था और खून से सनी तड़पती हुई युवती को दोनों के बीच में बैठाया गया था. रास्तेभर युवती के पैरों और कपड़ों से खून बहता रहा. वे रात करीब 3 बजे हाईवे पर स्थित ‘मां संवंती देवी अस्पताल’ पहुंचे, जहां डॉ. हरीओम यादव ने युवती को मृत घोषित कर दिया. गनीमत यह रही कि रात में गश्त कर रही पुलिस की नजर इन दोनों संदिग्धों पर पहले ही पड़ गई थी और पुलिस ने उनका पीछा करते हुए अस्पताल पहुंच गई थी. जैसे ही अभिषेक ने पुलिस को देखा, वह मौका पाकर रफूचक्कर हो गया, जबकि मुख्य आरोपी राहुल को पुलिस ने मौके पर ही दबोच लिया. सुबह बेटी की लाश घर पहुंचने पर परिवार में कोहराम मच गया और रक्षाबंधन की खुशियां मातम में बदल गईं.

सड़क पर शव रखकर घंटों हंगामा, दोस्त की तलाश जारी

घटना से गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने न्याय की मांग करते हुए शिकोहाबाद-नासिरपुर रोड पर मृतका का शव रखकर कई घंटों तक जोरदार प्रदर्शन किया और आरोपियों को फांसी देने की मांग की. पुलिस ने समझा-बुझाकर जाम खुलवाया. पुलिस की शुरुआती जांच, पूछताछ और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह साफ हो गया कि युवती के साथ जबरन दुष्कर्म किया गया था, जिसके बाद पुलिस ने मामले में हत्या और एससी/एसटी एक्ट के साथ-साथ बीएनएस की धारा 64(1) (दुष्कर्म) भी जोड़ दी है. पुलिस ने आरोपी राहुल के पास से मृतका का ब्लू वीवो फोन, एक ब्लैक सैमसंग फोन और नशीली (शक्तिवर्धक) दवाओं की स्ट्रिप भी बरामद की है, जिसमें दो गोलियां इस्तेमाल हो चुकी थीं. फिलहाल, पुलिस फरार दोस्त अभिषेक की तलाश में ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही है और उस सहेली की भूमिका की भी जांच कर रही है जिसके घर युवती ने अपना बैग छोड़ा था. पुलिस का कहना है कि सबूतों के आधार पर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.