भारत का दवा उद्योग कम लागत वाली जेनेरिक दवाओं से आगे बढ़कर हाई वैल्यू वाली दवाओं, मुश्किल कैमिकल प्रोसेस और एडवांस ट्रीटमेंट्स की ओर तेजी से बढ़ रहा है. विशेषज्ञों ने कहा कि दवा कंपनियां आयात पर निर्भरता घटाने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए देश में सक्रिय औषधि सामग्री के मैन्युफैक्चरिंग में निवेश कर रही हैं. इस बदलाव के पीछे घरेलू स्वास्थ्य जरूरतों में परिवर्तन, पुरानी बीमारियों के उपचार में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की बढ़ती मांग, निर्यात के नए अवसर और विनिर्माण क्षमता बढ़ाने के लिए सरकार की प्रोत्साहन योजनाएं प्रमुख कारण हैं.

अलग दौर से गुजर रहा भारत का दवा बाजार

दक्षिण एशिया के प्रमुख दवा उद्योग व्यापार आयोजनों में शामिल सीपीएचआई इंडिया और पीएमईसी इंडिया 2026 से पहले उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने कहा कि आयात पर निर्भरता कम करने के लिए उन्नत विनिर्माण और विशेष रासायनिक प्रौद्योगिकी मंचों में रणनीतिक निवेश जरूरी है. जुबिलेंट इंग्रेविया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक दीपक जैन ने कहा कि भारत का दवा उद्योग उच्च मूल्य वाले, नवाचार आधारित और टिकाऊ विनिर्माण की दिशा में दीर्घकालिक संरचनात्मक बदलाव के दौर से गुजर रहा है. जैन ने कहा कि ग्लोबल दवा कंपनियां सप्लाई चेन की मजबूती और जटिल रासायनिक प्रक्रियाओं को प्राथमिकता दे रही हैं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। ऐसे में एपीआई, एडवांस मध्यवर्ती रसायनों और अनुबंध पर दवा विकास एवं मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में घरेलू क्षमता आयात पर निर्भरता घटाने के लिए महत्वपूर्ण होगी.

17.1 प्रतिशत बढ़ा देश का मार्केट

आईक्यूवीआईए के आंकड़ों के मुताबिक, भारत का घरेलू दवा बाजार सितंबर, 2026 में सालाना आधार पर 17.1 प्रतिशत बढ़ा. यह तीन साल में किसी एक महीने की सबसे अधिक वृद्धि है. हमदर्द लेबोरेटरीज इंडिया के वैश्विक निर्यात कारोबार प्रमुख एवं वरिष्ठ महाप्रबंधक पंकज बनर्जी ने कहा कि भारत के दवा और आयुष क्षेत्र में 2030 तक निरंतर विस्तार की संभावना है. रोगों की रोकथाम, जीवनशैली से जुड़ी सेहत, वैज्ञानिक प्रमाणों और हर्बल दवाओं की अंतरराष्ट्रीय मांग से इस वृद्धि को गति मिलेगी. उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 202425 में भारत ने करीब 4.35 अरब डॉलर मूल्य की थोक दवाओं और सक्रिय औषधि सामग्री का आयात किया, जिसमें चीन की हिस्सेदारी 73.71 प्रतिशत थी.

इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर का आयोजन

इंफॉर्मा मार्केट्स इंडिया के प्रबंध निदेशक योगेश मुद्रास ने कहा कि देश का दवा उद्योग वैश्विक प्रतिस्पर्धा और प्रौद्योगिकी के स्तर पर तेजी से आगे बढ़ रहा है. सीपीएचआई इंडिया का आयोजन 23 से 25 नवंबर तक दिल्ली के द्वारका स्थित यशोभूमि के इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर में होगा. वहीं, पीएमईसी इंडिया 24 से 26 नवंबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपोजिशन मार्ट लिमिटेड में आयोजित किया जाएगा.