
गाजियाबाद/मेरठ। गाजियाबाद में नमो भारत रैपिड ट्रेन में गंदी हरकत करने वाले छात्र और छात्रा की पहचान हो गई है। उनके खिलाफ मुरादनगर थाने में FIR दर्ज हुई है। इसके अलावा, वीडियो वायरल करने वाले ट्रेन के ऑपरेटर पर भी मुकदमा दर्ज हुआ है और उसे नौकरी से निकाल दिया गया है।
दोनों मेरठ के अलग-अलग कॉलेजों में पढ़ते हैं। छात्रा दुहाई के एक कॉलेज से BCA कर रही है और छात्र राजनगर एक्सटेंशन के एक कॉलेज से इंजीनियरिंग कर रहा है। दोनों के कॉलेजों को नोटिस भेजा गया है और जवाब मांगा गया है। घटना के बाद से दोनों कॉलेज नहीं पहुंचे हैं। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
24 नवंबर को दिल्ली से मेरठ के बीच चलने वाली नमो भारत ट्रेन में छात्र-छात्रा अश्लील हरकत कर रहे थे। पूरी घटना ट्रेन में लगे सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गई। घटना के समय कोच में अन्य यात्री भी मौजूद थे, लेकिन किसी ने कुछ नहीं कहा।
DBRRTS के सुरक्षा प्रमुख दुष्यंत कुमार ने गाजियाबाद के मुरादनगर थाने में 22 दिसंबर को तहरीर दी। इसमें लिखा- 24 नवंबर, 2025 को शाम 4 बजे नमो भारत ट्रेन के प्रीमियम कोच-23 में अश्लील कृत्य सामने आया। जिसमें एक पुरुष और एक महिला शामिल थे। ट्रेन दुहाई से मुरादनगर की तरफ जा रही थी।
हमारे क्लाइंट ने 2 दिसंबर बताया कि ट्रेन ऑपरेटर ने केबिन में मोबाइल का इस्तेमाल किया। इसकी जांच की गई। इसमें सामने आया कि रिषभ नाम के ऑपरेटर ने बिना अनुमति और बिना सूचना के अपने से ट्रेन के अंदर मोबाइल का यूज किया।
जो हमारी कंपनी के नियमों और स्थायी आदेश का सीधा उल्ल्घंन है। 3 दिसंबर को ही हमारी कंपनी ने ऑपरेटर रिषभ को सेवा से बर्खास्त कर दिया। इसी ऑपरेटर ने यह वीडियो वायरल किया है। इस संबंध में आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
ट्रेन के अधिकारी की तहरीर पर मुरादनगर थाने में संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। जिसमें पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है। जो भी साक्ष्य इसमें हैं, उन्हें भी जांच में शामिल किया जाएगा।
NCRTC के सीपीआरओ पुनीत वत्स ने बताया-
नमो भारत में इस तरह की घटना रोकने के लिए जागरूकता अभियान के अलावा सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की जाएगी। वीडियो वायरल करने वाले कर्मचारी की पहचान हो गई है। उसे निष्कासित कर दिया गया है।
अब पढ़िए 24 नवंबर को रैपिड रेल में जो वीडियो रिकॉर्ड हुआ
24 नवंबर को मेरठ से मोदीनगर के बीच का वीडियो बताया जा रहा है। इसमें दिख रहा है कि लड़का-लड़की दोनों नमो भारत ट्रेन के केबिन में मौजूद हैं। लड़की यूनिफॉर्म में है। छात्रा के यूनिफॉर्म पर कॉलेज का लोगो भी बना हुआ है। उसने आई कार्ड भी पहना है। जबकि युवक सफेद स्वेटर पहने है।
दोनों छात्र-छात्रा जहां बैठे हैं, उसके पीछे, आगे और साइड की सीटें खाली दिख रही हैं। लेकिन उनके पीछे की तीन सीट छोड़कर एक महिला दूसरी ओर मुंह करके बैठी दिख रही। छात्रा विंडो सीट पर बैठी है। पास में बैठा छात्र पहले छात्रा को किस करता है। फिर चादर डालकर दोनों गंदी हरकत करने लगते हैं।
अब जानिए रैपिड रेल की खासियत और सुविधाएं
इस ट्रेन में आरामदायक सीटें हैं। सीटों के पास मोबाइल-लैपटॉप चार्जिंग सुविधा है।
यह ट्रेन 180 KMPh की स्पीड पर डिजाइन की गई है, लेकिन ये अभी 160 KMPh पर दौड़ रही है। इतनी गति से दौड़ने वाली ये देश की पहली ट्रेन है।
ट्रेन में कुल 6 कोच हैं। इसमें एक कोच प्रीमियम और दूसरा महिलाओं के लिए रिजर्व है। सामान्य कोच में 72 और प्रीमियम कोच में 62 सीटें हैं। हालांकि पूरी ट्रेन में बैठकर और खड़े होकर एक बार में 1700 यात्री सफर करते हैं।
एर्गोनॉमिक रूप से डिजाइन की गई 2×2 ट्रांसवर्स सिटिंग, खड़े होकर यात्रा करने के लिए पर्याप्त स्थान, लगेज रैक, CCTV, लैपटॉप/मोबाइल चार्जिंग सुविधा, डायनेमिक रूट मैप की सुविधा है।
हर कोच में महिलाओं के अलावा दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए सीटें रजर्व हैं। व्हीलचेयर और स्ट्रेचर रखने की भी सुविधा है।
प्रीमियम कोच में रिक्लाइनिंग सीटें, कोट हुक, मैगजीन होल्डर और फुटरेस्ट जैसी कई अतिरिक्त सुविधाएं हैं। दिल्ली से मेरठ जाने पर ये कोच पहला होता है, वहीं मेरठ से दिल्ली आने पर ये अंतिम वाला कोच होता है।
रैपिड रेल डबल सिक्योरिटी से लैस है। प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर (पीएसडी) और ट्रेन दोनों के दरवाजे एक साथ बंद होते हैं। उसके बाद ही ट्रेन आगे बढ़ती है।
रैपिड रेल स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा जांच के लिए अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सक्षम डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (डीएफएमडी) का उपयोग किया जाता है।





