बैंक कर्मचारियों की 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित देशव्यापी हड़ताल के बीच दिल्ली में प्रदर्शन की अनुमति को लेकर मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंच गया है। बैंक यूनियनों ने राजधानी के जंतरमंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति मांगी थी, लेकिन दिल्ली पुलिस की ओर से अनुमति नहीं मिलने के बाद यूनियनों ने अदालत का रुख किया। मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पुलिस को जंतरमंतर के अलावा किसी वैकल्पिक स्थान पर प्रदर्शन की अनुमति के अनुरोध पर विचार करने और 28 सितंबर तक फैसला लेने का निर्देश दिया है।

28 सितंबर तक फैसला लेने का निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस से कहा है कि वह 28, 29 और 30 सितंबर को शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए जंतरमंतर के अलावा किसी अन्य वैकल्पिक स्थान के अनुरोध पर विचार करे।
कोर्ट ने निर्देश दिया कि पुलिस इस संबंध में 28 सितंबर तक अपना फैसला ले और संबंधित बैंक यूनियन को इसकी जानकारी भी दे। ऐसे में अब बैंक कर्मचारियों के प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक स्थल को लेकर दिल्ली पुलिस को तय समय सीमा में निर्णय लेना होगा।
रामलीला मैदान और अन्य जगहों का दिया विकल्प
बैंक यूनियनों की ओर से अदालत में बताया गया कि जंतरमंतर पर अनुमति नहीं मिलने के बाद उन्होंने दिल्ली में कई वैकल्पिक स्थानों पर प्रदर्शन की अनुमति मांगी। इनमें रामलीला मैदान , राजेंद्र प्लेस और द्वारका शामिल हैं।
यूनियनों के मुताबिक, संबंधित अधिकारियों तक आवेदन पहुंचने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने के बाद अलगअलग पुलिस अधिकारियों के सामने अनुरोध किए गए। द्वारका के पुलिस उपायुक्त ने 11 सितंबर को द्वारका सेक्टर10 में प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके लिए ब्रिक्स सम्मेलन का हवाला दिया गया था।
18 सितंबर के प्रदर्शन की भी नहीं मिली थी अनुमति
याचिका में बैंक यूनियनों ने आरोप लगाया कि उन्होंने 18 सितंबर को प्रदर्शन के लिए 1 सितंबर को संसद मार्ग के पुलिस उपायुक्त के सामने आवेदन किया था। यूनियनों का दावा है कि करीब 17 दिनों तक आवेदन पर कोई जवाब नहीं मिला।
इसके बाद 17 सितंबर की रात करीब 10 बजे उन्हें प्रदर्शन की अनुमति नहीं देने संबंधी पत्र मिला। यूनियनों के अनुसार, अनुमति को लेकर अंतिम समय में फैसला आने के कारण 11 और 18 सितंबर को प्रस्तावित प्रदर्शन नहीं हो सके।
5 दिन के बैंकिंग सप्ताह की प्रमुख मांग
बैंक यूनियनों की प्रमुख मांगों में सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करना शामिल है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। यूनियनों का कहना है कि Five Day Banking Week लागू होने से बैंक कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन अवकाश मिल सकेगा। इसके अलावा यूनियनें प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन योजना को वापस लेने या फिलहाल रोकने की मांग भी कर रही हैं।
द्विपक्षीय बातचीत से समाधान की मांग
बैंक यूनियनों का कहना है कि प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन योजना में किसी भी तरह का बदलाव कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय बातचीत के जरिए किया जाना चाहिए।
इसके अलावा बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों से जुड़े लंबित मुद्दों का समाधान करने की मांग भी यूनियनों की ओर से उठाई गई है। 28 से 30 सितंबर के प्रस्तावित देशव्यापी कार्यक्रम के बीच दिल्ली में प्रदर्शन के लिए जगह का फैसला अब हाईकोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस के निर्णय पर निर्भर करेगा।



