कार खरीदना कई लोगों के लिए एक बड़ा सपना होता है, लेकिन इसके साथ आने वाली EMI कई बार महीने के बजट पर दबाव डाल देती है. ऐसे में जब भी बोनस या अतिरिक्त इनकम मिलती है, तो लोग कार लोन को जल्दी खत्म करने यानी फोरक्लोजर का विचार करते हैं. इससे ब्याज पर बड़ी बचत हो सकती है, लेकिन कई बार बैंक 2% से 5% तक का प्रीपेमेंट या फोरक्लोजर चार्ज भी वसूल लेते हैं, जिससे फायदा कम हो जाता है। सही जानकारी और स्मार्ट प्लानिंग से इन अतिरिक्त खर्चों से बचा जा सकता है.

पार्ट पेमेंट से करें शुरुआत

अगर आपके पास पूरी लोन राशि एक साथ चुकाने का विकल्प नहीं है, तो पार्ट पेमेंट एक अच्छा तरीका है. कई बैंक साल में एक या दो बार बिना ज्यादा शुल्क के मूलधन का एक हिस्सा जमा करने की सुविधा देते हैं. इससे आपका बकाया लोन कम होता है और आगे लगने वाला ब्याज भी घट जाता है.

सही समय पर करें भुगतान

पार्ट पेमेंट या अतिरिक्त भुगतान हमेशा कटने के तुरंत बाद करना बेहतर माना जाता है. अगर आप गलत समय पर भुगतान करते हैं, तो बैंक अतिरिक्त ब्याज जोड़ सकता है. सही टाइमिंग से आपका पैसा सीधे मूलधन में एडजस्ट होता है.

टेन्योर कम करने का विकल्प चुनें

जब भी आप लोन में अतिरिक्त राशि जमा करें, तो EMI घटाने की बजाय लोन की अवधि कम करने का विकल्प चुनें. इससे कुल ब्याज में बड़ी बचत होती है और लोन जल्दी खत्म हो जाता है.

लॉकइन पीरियड को समझें

ज्यादातर बैंक शुरुआती 6 से 12 महीनों में पर भारी पेनल्टी लगाते हैं. इसे लॉकइन पीरियड कहा जाता है। इस अवधि के बाद ही लोन बंद करने पर बेहतर शर्तें मिलती हैं.

फ्लोटिंग रेट का फायदा उठाएं

अगर आपका लोन फ्लोटिंग ब्याज दर पर है, तो कई मामलों में बैंक प्रीपेमेंट चार्ज नहीं लेते. इसलिए अपने लोन एग्रीमेंट को ध्यान से पढ़ना जरूरी है.

बैलेंस ट्रांसफर पर भी विचार करें

अगर मौजूदा बैंक ज्यादा चार्ज ले रहा है, तो आप कम ब्याज दर वाले दूसरे बैंक में लोन ट्रांसफर कर सकते हैं. इससे EMI का बोझ भी कम हो सकता है.सही रणनीति अपनाकर आप कार लोन को जल्दी और कम खर्च में खत्म कर सकते हैं, जिससे आपकी मेहनत की कमाई भी सुरक्षित रहती है.