उत्तर प्रदेश के संभल हिंसा के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई का दावा किया है. दुबई में बैठे हिंसा के मुख्य मास्टरमाइंड बताए जा रहे शारिक साठा के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर दिया है. संभल में ये हिंसा 24 नवंबर 2024 को हुई थी. एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई के मुताबिक, शारिक साठा को न्यायालय की ओर से धारा 8283 की कार्रवाई के तहत भगोड़ा घोषित किया जा चुका है.

साथ ही उसकी संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई भी पूरी हो चुकी है. पुलिस ने शारिक साठा से जुड़ा पूरा डोजियर तैयार कर सीबीआई को सौंपा था. यूपी पुलिस ने सीबीआई के जरिए इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की मांग की थी. सीबीआई और इंटरपोल के बीच कम्युनिकेशन के बाद अब नोटिस जारी हो गया है.
फर्जी पासपोर्ट के जरिए गया विदेश
पुलिस के मुताबिक, शारिक साठा पर फर्जी पासपोर्ट के जरिए विदेश गया और फिलहाल दुबई में रह रहा है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। पुलिस उसकी गतिविधियों और उससे जुड़े लोगों पर लगातार नजर रख रही है. अब पुलिस की कोशिश है कि वो जिस भी देश में मौजूद हो, वहां से उसे गिरफ्तार कर भारत प्रत्यर्पित कराया जाए.
एसपी के मुताबिक, 24 नवंबर की हिंसा से पहले भी शारिक साठा के खिलाफ करीब 55 से 60 मुकदमे दर्ज हैं. पुलिस का कहना है कि भारत लाए जाने के बाद उसके खिलाफ सभी मामलों में कानून के मुताबिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. ये सभी जानकारी फोन पर एसपी कृष्ण विश्नोई ने की तरफ से दी गई है.
दिल्ली में कई आपराधिक गतिविधियों में भी था शामिल
पुलिस के मुताबिक, साठा विदेश में रहकर नेशनल कैपिटल रीजन और उत्तर प्रदेश में गाड़ियों की चोरी समेत कई संगठित आपराधिक गतिविधियों में शामिल था. संभल में तनाव तब फैल गया जब 24 नवंबर, 2024 को शाही जामा मस्जिद के कोर्ट के आदेश पर सर्वे किया जा रहा था. इसी दौरान प्रदर्शनकारी स्थानीय लोगों की सुरक्षा बलों से झड़प हो गई. इस हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए.
रेड कॉर्नर नोटिस क्या?
‘रेड कॉर्नर नोटिस’ इंटरपोल की ओर से दुनिया भर की कानून लागू करने वाली एजेंसियों को भेजा गया एक अंतरराष्ट्रीय अनुरोध होता है. इसका मकसद ऐसे व्यक्ति का पता लगाना और उसे अस्थायी रूप से अरेस्ट करना होता है, जिसे मुकदमा चलाने या सजा काटने के लिए वांछित घोषित किया गया हो.
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