ब्रेस्ट कैंसर महिलाओं में होने वाले सबसे आम कैंसरों में से एक है. यह तब होता है, जब ब्रेस्ट की कुछ सेल्स असामान्य तरीके से बढ़ने लगती हैं और धीरेधीरे गांठ या ट्यूमर का रूप ले सकती हैं. इसके मामले दुनिया के साथसाथ भारत में भी लगातार सामने आ रहे हैं. बढ़ती उम्र, मोटापा, परिवार में ब्रेस्ट कैंसर का इतिहास, BRCA1 या BRCA2 जैसे कुछ जीन में बदलाव, शराब पीना, शारीरिक रूप से कम एक्टिव रहना, बच्चे को जन्म न देना या पहली प्रेग्नेंसी अधिक उम्र में होना और मेनोपॉज के बाद लंबे समय तक कुछ हार्मोन थेरेपी लेने जैसे कई कारण इसका खतरा बढ़ा सकते हैं. इसलिए इसके बारे में सही जानकारी होना जरूरी है.

हालांकि, के हर मामले को रोका नहीं जा सकता, लेकिन रोजमर्रा की कुछ हेल्दी आदतें अपनाकर इसका खतरा कम करने में मदद मिल सकती है. साथ ही, समय पर लक्षणों की पहचान और जांच भी बहुत जरूरी मानी जाती है. इसलिए अपनी सेहत के प्रति जागरूक रहना जरूरी है. आइए जानते हैं ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम करने के लिए कौनसी हेल्दी आदतें अपनानी चाहिए, किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और क्या इससे पूरी तरह बचाव संभव है.

ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम करने के लिए अपनाएं ये हेल्दी आदतें

के अनुसार, ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम करने के लिए स्वस्थ वजन बनाए रखें और शारीरिक रूप से एक्टिव रहें. अगर शराब पीते हैं, तो उससे बचना या उसकी मात्रा कम करना बेहतर माना जाता है, क्योंकि शराब ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को बढ़ा सकती है.

बच्चे को ब्रेस्ट फीडिंग कराने से भी कुछ महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम हो सकता है. अगर हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी लेने की जरूरत हो, तो इसके फायदे और जोखिम के बारे में डॉक्टर से बात करें. इसके अलावा, संतुलित खानपान अपनाएं, ज्यादा तलेभुने और प्रोसेस्ड फूड्स की बजाय फल, सब्जियां और साबुत अनाज जैसी चीजों को डाइट में शामिल करें. इन आदतों को अपनाने के साथ अपनी सेहत पर भी नजर रखें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें.

ब्रेस्ट कैंसर के कौन से लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?

अगर ब्रेस्ट या बगल में गांठ महसूस हो, ब्रेस्ट के आकार या रूप में बदलाव दिखाई दे, त्वचा पर गड्ढे जैसे निशान पड़ जाएं, निप्पल अंदर की ओर मुड़ जाए या उससे खून या कोई दूसरा तरल निकलने लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

इसके अलावा, ब्रेस्ट की त्वचा का लाल होना, मोटी होना या लगातार दर्द रहना भी जांच कराने का कारण हो सकता है. हालांकि, ये लक्षण हमेशा ब्रेस्ट कैंसर के ही नहीं होते, लेकिन इनके दिखने पर बिना देरी किए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.

क्या ब्रेस्ट कैंसर से पूरी तरह बचाव संभव है?

ब्रेस्ट कैंसर के हर मामले को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता, क्योंकि बढ़ती उम्र, परिवार में बीमारी का इतिहास और कुछ जीन में बदलाव जैसे जोखिम बदले नहीं जा सकते.

हालांकि, हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर, स्वस्थ वजन बनाए रखकर, शारीरिक रूप से एक्टिव रहकर, शराब से दूरी बनाकर और समय पर जांच कराकर इसका खतरा कुछ हद तक कम किया जा सकता है.

ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं।