Himachal Se: अहमद फ़राज़ आधुनिक उर्दू शायरी के सबसे मशहूर, लोकप्रिय और क्रांतिकारी शायरों में से एक थे। उन्हें अदब की दुनिया में रूमानियत और बगावत का एक बेहद खूबसूरत मिश्रण माना जाता है। जिस तरह मिर्ज़ा ग़ालिब और फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ को उर्दू अदब में ऊंचा मकाम हासिल है, उसी तरह अहमद फ़राज़ को भी 20वीं सदी के उत्तरार्ध का सबसे बड़ा शायर माना जाता है। उन्होंने प्यार, महबूब की बेरुखी और दिल टूटने के अहसास को बेहद सरल लेकिन गहरे शब्दों में बयां किया। उनकी गजलें आम लोगों के दिलों को छू लेती थीं। फ़राज़ सिर्फ रोमानी शायर नहीं थे। उन्होंने पाकिस्तान में सैन्य तानाशाही के खिलाफ खुलकर लिखा। अपनी क्रांतिकारी शायरी के कारण उन्हें जेल भी जाना पड़ा और कई साल देश निकाला भी झेलना पड़ा। यहां हम अहमद फराज की मशहूर शायरी लेकर आए हैं। यहां पढ़ें अहमद फराज के मशहूर शेर।

Ahmad Faraz Shayari: लो फिर तिरे लबों पे उसी बेवफ़ा का ज़िक्र...यहां पढ़ें अहमद फ़राज़ के मशहूर शेर​
Ahmad Faraz Shayari: लो फिर तिरे लबों पे उसी बेवफ़ा का ज़िक्र…यहां पढ़ें अहमद फ़राज़ के मशहूर शेर​

1. लो फिर तिरे लबों पे उसी बेवफ़ा का ज़िक्र
अहमद ‘फ़राज़’ तुझ से कहा न बहुत हुआ

2. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। तेरी बातें ही सुनाने आए
दोस्त भी दिल ही दुखाने आए

3. क़ुर्बतें लाख ख़ूबसूरत हों
दूरियों में भी दिलकशी है अभी

4. ज़िंदगी से यही गिला है मुझे
तू बहुत देर से मिला है मुझे

5. दिल को तिरी चाहत पे भरोसा भी बहुत है
और तुझ से बिछड़ जाने का डर भी नहीं जाता

6. मुद्दतें हो गईं ‘फ़राज़’ मगर
वो जो दीवानगी कि थी है अभी

7. क़ासिदा हम फ़क़ीर लोगों का
इक ठिकाना नहीं कि तुझ से कहें

8. इस क़दर मुसलसल थीं शिद्दतें जुदाई की
आज पहली बार उस से मैं ने बेवफ़ाई की

9. हमसफ़र चाहिए हुजूम नहीं
इक मुसाफ़िर भी क़ाफ़िला है मुझे

10. और ‘फ़राज़’ चाहिएँ कितनी मोहब्बतें तुझे
माओं ने तेरे नाम पर बच्चों का नाम रख दिया

11. रात भर हंसते हुए तारों ने
उन के आरिज़ भी भिगोए होंगे