Agra Wife Killed Husband Case Update: ताजनगरी आगरा के सिकंदरा क्षेत्र में हुए खौफनाक सुरेंद्र शर्मा हत्याकांड में एक बेहद सनसनीखेज मोड़ सामने आया है. 18 मई से लापता सुरेंद्र शर्मा का कंकाल शुक्रवार को उनके ही घर के बाथरूम के फर्श के नीचे से बरामद हुआ था. इस रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात को अंजाम देने वाली आरोपी पत्नी रूबी को पुलिस ने शनिवार को सलाखों के पीछे भेज दिया है. लेकिन इस पूरे हत्याकांड की सबसे बड़ी इनसाइड स्टोरी यह है कि अगर सुरेंद्र की मासूम बेटी ने बाथरूम के चटकते फर्श को देखकर अपनी मां से सवाल न किया होता, तो शायद यह राज कभी सामने ही नहीं आता. बेटी का वही एक शक रूबी के गले का फंदा बन गया और उसने डर के मारे अपना गुनाह सास के सामने कबूल कर लिया.

रूबी ने हत्या के बाद पूरी चालाकी से 26 मई को सिकंदरा थाने में पति की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी. वह सोच रही थी कि वह बच निकली है, लेकिन घर की दीवारें और उसकी अपनी ही बेटियां उसके लिए सबसे बड़ा इम्तिहान बन गईं: जब हत्या के कुछ दिनों बाद बेटियां घर लौटीं, तो उन्होंने सबसे पहले बाथरूम को बदला हुआ पाया. बेटियों ने पूछा, “मम्मी, अचानक बाथरूम का फर्श इतना ऊंचा क्यों करा दिया?” तब रूबी ने बहाना बनाया कि वहां पानी भर जाता था और अंधेरे में गिरने का डर रहता था, इसलिए ठीक कराया.
चटकते फर्श ने खोला राज
रूबी हर दिन नहाते समय फर्श को चेक करती थी कि कहीं से कोई सुराग न दिखे. लेकिन एक दिन उसकी बेटी ने फर्श को गौर से देखा और कहा, “मां, एक जगह से फर्श बहुत ऊंचा लग रहा है और वहां से सीमेंट चटक भी रहा है.” बेटी के इस एक सवाल ने रूबी के होश उड़ा दिए. उसे लगा कि जमीन के नीचे दफन लाश का राज बाहर आने वाला है. उसने आननफानन में घर में बचा हुआ सीमेंट घोला और चटकती हुई जगह पर दोबारा डाल दिया. लेकिन बेटी का वह सवाल उसके दिमाग में घर कर गया.
सिपाही का खौफ और रात में पति के ‘भूत’ का साया
बेटी के शक के बाद रूबी मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी थी. इसी बीच दो ऐसी घटनाएं हुईं जिसने उसका सब्र पूरी तरह खत्म कर दिया. गुमशुदगी की जांच के लिए एक दिन एक पुलिस सिपाही सुरेंद्र का वेरिफिकेशन करने घर आया. सिपाही ने कागजी कार्रवाई के तहत रूबी की एक फोटो खींच ली. इस फोटो के खिंचते ही रूबी को लगा कि पुलिस को सब पता चल चुका है और वह कभी भी पकड़ी जाएगी.
रात में नहीं आती थी नींद
रूबी ने पुलिस को बताया कि उस रात के बाद से उसे नींद आनी बंद हो गई थी. जब भी वह आंखें बंद करती, उसे ऐसा महसूस होता कि सुरेंद्र बाथरूम का फर्श तोड़कर बाहर आ रहा है. इसी पागलपन और डर के बीच वह अपनी सास कमला के पास गई और रोते हुए कहा “सुरेंद्र कभी लौटकर नहीं आएंगे, वह बाथरूम में दबे हैं.” इसके बाद सास ने जेठ अनिल को बुलाया और मामला पुलिस तक पहुंचा.
खीर में जहर से लेकर ‘बाथरूम के कब्रिस्तान’ तक
पूछताछ में रूबी ने बताया कि पति सुरेंद्र भयंकर नशेड़ी था और आए दिन बेटियों और उसके साथ बेरहमी से मारपीट करता था. बेटियों को रोजरोज के अपमान से बचाने के लिए ही उसने यह कदम उठाया. 17 मई की रात सुरेंद्र शराब पीकर आया और मीठा खाने की जिद की. रूबी ने खीर में भारी मात्रा में नींद की गोलियां पीसकर मिला दीं. रात 3 बजे सुरेंद्र की धड़कन रुकने की पुष्टि करने के बाद वह पूरी तरह निश्चिंत हो गई. सुबह रूबी ने सास और बेटियों को झूठ बोलकर डरा दिया कि भरतपुर पुलिस सुरेंद्र को ढूंढते हुए घर आ रही है. उसने उन्हें शाहगंज स्थित जेठ अनिल कुमार शर्मा के घर भेज दिया.
400 रुपये की मिट्टी से छिपाई लाश
घर खाली होते ही रूबी ने पलंग से लाश घसीटी, बाथरूम में खुद फावड़े से गड्ढा खोदा और लाश लिटा दी. पड़ोस से 400 रुपये देकर आधी ट्रॉली मिट्टी मंगवाई और बाल्टी से भरभरकर गड्ढे में डाल दी. अगले दिन 19 मई की सुबह दो मजदूरों को बुलाकर एक घंटे में पक्का फर्श करवा दिया.
कंकाल का होगा डीएनए टेस्ट; अकेले ही रची पूरी साजिश
डीसीपी सिटी अली अब्बास, ADCP सिटी हिमांशु गौरव और एसीपी हरीपर्वत अमीषा ने रूबी से कई दौर की कड़ी पूछताछ की. रूबी ने आखिर तक यही बयान दिया कि इस पूरे हत्याकांड में वह बिल्कुल अकेली थी और उसने किसी की मदद नहीं ली.
बाथरूम की खुदाई में सुरेंद्र का कंकाल, कड़ा और रुद्राक्ष की माला बरामद हुई है. शव पूरी तरह कंकाल में बदल चुका था, इसलिए डॉक्टरों के विशेष पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया है. वैज्ञानिक रूप से पहचान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने डीएनए सैंपल सुरक्षित रख लिया है. पुलिस जल्द ही रूबी के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश करेगी. जेल जाने से पहले रूबी ने रोते हुए बस यही कहा कि उसे इस बात का मलाल हमेशा रहेगा कि उसकी किस्मत में एक नशेबाज लिखा था, लेकिन अब उसे सबसे ज्यादा चिंता अपनी उन बेटियों की है जिनके शक ने उसकी पूरी दुनिया उजाड़ दी.



