: भारत की एथलीट वित्या रामराज ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 400 मीटर हर्डल्स में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। जापान के आइचीनागोया में आयोजित हो रहे 20वें एशियन गेम्स में वित्या ने 54.75 सेकेंड का समय निकालकर रेस पूरी की।

उनके इस प्रदर्शन के साथ ही उन्होंने भारत की दिग्गज एथलीट पीटी उषा का 42 साल पुराना नेशनल रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। वित्या का एशियन गेम्स 2026 में यह दूसरा मेडल है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इससे पहले वह महिलाओं की 4×400 मीटर मिक्स्ड रिले में सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं।

UAE की मरियम करीम ने जीता गोल्ड

महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में वित्या रामराज तीसरे स्थान पर रहीं। उन्होंने 54.75 सेकेंड के समय के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया। इस स्पर्धा में UAE की मरियम करीम ने 54.31 सेकेंड के समय के साथ गोल्ड मेडल जीता।

वहीं कजाकिस्तान की एडेलिना जेम्स ने 54.58 सेकेंड में रेस पूरी कर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। भारत की एक अन्य एथलीट अनू राघवन ने भी इस फाइनल में हिस्सा लिया। उन्होंने 55.88 सेकेंड के समय के साथ रेस पूरी की और पांचवें स्थान पर रहीं।

वित्या ने तोड़ा पीटी उषा का 42 साल पुराना रिकॉर्ड

वित्या रामराज का 54.75 सेकेंड का प्रदर्शन उनके लिए खास रहा, क्योंकि इसी के साथ उन्होंने पीटी उषा का 42 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। पीटी उषा ने 1984 के लॉस एंजेलिस ओलंपिक में महिलाओं की 400 मीटर हर्डल्स रेस 55.42 सेकेंड में पूरी की थी।

यह प्रदर्शन लंबे समय तक भारत का नेशनल रिकॉर्ड रहा। अब वित्या ने 54.75 सेकेंड के समय के साथ इस रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया है। इस तरह एशियन गेम्स 2026 में ब्रॉन्ज मेडल के साथ उनका प्रदर्शन भारतीय एथलेटिक्स के लिए भी महत्वपूर्ण बन गया है।

एशियन गेम्स में वित्या का पांचवां मेडल

वित्या रामराज के एशियन गेम्स करियर का यह पांचवां मेडल है। इससे पहले उन्होंने 2022 हांगझोऊ एशियन गेम्स में तीन पदक जीते थे। हांगझोऊ में वित्या ने महिलाओं की 4×400 मीटर रिले में सिल्वर मेडल हासिल किया था।

इसके अलावा महिलाओं की 4×400 मीटर मिक्स्ड रिले में भी उन्होंने रजत पदक जीता था। वहीं 400 मीटर हर्डल्स में उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था। अब एशियन गेम्स 2026 में दो और पदक जीतने के बाद उनके एशियन गेम्स मेडल्स की संख्या पांच हो गई है। 28 वर्षीय वित्या के लगातार बेहतर होते प्रदर्शन ने भारतीय एथलेटिक्स में उनकी पहचान को और मजबूत किया है।