पिछले तीन सप्ताह भारतीय क्रिकेट टीम के लिए बिल्कुल आसान नहीं रहे हैं। पहले आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 श्रृंखला में 20 से हार मिली और उसके बाद इंग्लैंड ने चार मैचों की टी20 श्रृंखला में भारत का 40 से सफाया कर दिया। सात मुकाबलों में छह हार के बाद अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या सीमित ओवरों के क्रिकेट में भारतीय टीम विदेशी परिस्थितियों में लगातार संघर्ष कर रही है।
अब टीम की नजर इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला पर है, जिसका पहला मुकाबला मंगलवार को बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेला जाएगा। बता दें कि अगले वर्ष दक्षिण अफ्रीका में होने वाले एकदिवसीय विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से यह श्रृंखला भारत के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।
मौजूद जानकारी के अनुसार जुलाई 2024 के बाद से भारत का एकदिवसीय रिकॉर्ड भी ज्यादा उत्साहजनक नहीं रहा है। टीम को श्रीलंका के खिलाफ विदेशी दौरे पर 20 से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया में 21 से श्रृंखला गंवाई और घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड के खिलाफ भी 21 से हार मिली। ऐसे में टीम प्रबंधन अब सही संयोजन तैयार करने पर पूरा ध्यान दे रहा है।
कप्तान शुभमन गिल ने कहा कि इंग्लैंड की परिस्थितियां और यहां की पिचें दक्षिण अफ्रीका में होने वाले विश्व कप जैसी चुनौती पेश कर सकती हैं। इसलिए इस श्रृंखला का सबसे बड़ा उद्देश्य ऐसी टीम तैयार करना है जो बड़े टूर्नामेंट में सफल हो सके। उनके अनुसार परिणाम जितना महत्वपूर्ण है, उससे कहीं अधिक जरूरी सही खिलाड़ियों का संयोजन तैयार करना है।
हालांकि टीम चयन आसान नहीं रहने वाला है। हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पांड्या, नितीश कुमार रेड्डी और तेज गेंदबाज हर्षित राणा चोट के कारण उपलब्ध नहीं हैं। हर्षित राणा की जगह प्रिंस यादव को टीम में शामिल किया गया है, लेकिन उनके अंतिम एकादश में खेलने की संभावना कम मानी जा रही है। वहीं गुरनूर बरार और प्रसिद्ध कृष्णा में से किसी एक को मौका मिल सकता है। इसके अलावा शिवम दुबे और वाशिंगटन सुंदर के बीच भी चयन को लेकर कड़ी प्रतिस्पर्धा बनी हुई है।
गौरतलब है कि शुभमन गिल ने माना कि लगातार चोटों की वजह से टीम को बारबार संयोजन बदलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि नितीश कुमार रेड्डी और हर्षित राणा जैसे खिलाड़ियों को विश्व कप से पहले ज्यादा से ज्यादा बड़े मुकाबले खिलाने की योजना थी, ताकि वे दबाव वाले मैचों का अनुभव हासिल कर सकें। लेकिन चोटों ने टीम की योजनाओं को प्रभावित किया है।
भारतीय टीम के लिए राहत की बात यह है कि विराट कोहली, रोहित शर्मा और जसप्रीत बुमराह जैसे अनुभवी खिलाड़ी इस श्रृंखला में उपलब्ध हैं। विराट कोहली हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण अफगानिस्तान के खिलाफ एकदिवसीय मुकाबले नहीं खेल पाए थे और अब वापसी कर रहे हैं। वहीं रोहित शर्मा का इंग्लैंड में शानदार रिकॉर्ड रहा है। एजबेस्टन मैदान पर उनका औसत भी काफी प्रभावशाली माना जाता है। दूसरी ओर जसप्रीत बुमराह लगभग 968 दिनों के बाद एकदिवसीय क्रिकेट में वापसी करने जा रहे हैं, जिससे भारतीय गेंदबाजी को बड़ी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
बता दें कि भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ लगातार पांच एकदिवसीय मुकाबले जीते हैं। दूसरी ओर इंग्लैंड ने एजबेस्टन में वर्ष 2015 से लगातार सात एकदिवसीय मुकाबलों में जीत दर्ज की है। ऐसे में दोनों टीमों का एक रिकॉर्ड इस मुकाबले के साथ टूटना तय है।
भारतीय टीम के लिए यह श्रृंखला केवल जीत दर्ज करने का अवसर नहीं, बल्कि अगले विश्व कप की मजबूत नींव रखने का भी मौका है। ऐसे में शुभमन गिल, गौतम गंभीर और पूरी टीम सही संतुलन खोजने के साथ आत्मविश्वास वापस हासिल करने की कोशिश में जुटी हुई हैं।