भारतीय महिला क्रिकेट टीम की अनुभवी बल्लेबाज हरमनप्रीत कौर ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में ऐसा तूफान मचाया कि हर कोई उनकी बल्लेबाजी का दीवाना हो गया। लंबे समय से बड़ी पारी खेलने के लिए संघर्ष कर रहीं हरमनप्रीत ने अपने बल्ले से आलोचकों को करारा जवाब दिया। उन्होंने महज 41 गेंदों में नाबाद 91 रन ठोक दिए। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। खास बात यह है कि भारतीय टीम की कप्तानी छोड़ने के बाद उनकी यह पारी आई है। मुकाबले के बाद हरमनप्रीत ने अपने प्रदर्शन और दबाव को लेकर खुलकर बात की।

कप्तानी छोड़ते ही बदला Harmanpreet Kaur का अंदाज

हरमनप्रीत कौर ने अक्टूबर की शुरुआत में भारतीय महिला टीम की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया था। इसके बाद स्मृति मंधाना को टीम की नई कप्तान की जिम्मेदारी मिली। हरमनप्रीत कौर लंबे समय से टीम की अगुआई कर रही थीं और कप्तानी के साथ बल्लेबाजी का दबाव भी संभाल रही थीं।

हालांकि, जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी20 मुकाबले में उनका अलग ही अंदाज देखने को मिला। हरमनप्रीत ने मैदान पर उतरते ही धीरेधीरे अपनी पारी को आगे बढ़ाया और फिर आक्रामक बल्लेबाजी शुरू कर दी। उनकी इस पारी ने दिखाया कि वह अब बिना अतिरिक्त जिम्मेदारी के अपने खेल का पूरा आनंद लेना चाहती हैं।

41 गेंदों में 91 रन बनाकर मचाया तहलका

हरमनप्रीत कौर ने अपनी नाबाद 91 रनों की पारी में 10 चौके और 5 छक्के लगाए। उनका स्ट्राइक रेट 200 से भी ज्यादा रहा। भारतीय बल्लेबाज ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को मुश्किल में डाल दिया। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच भी चुना गया।

इस मुकाबले से पहले हरमनप्रीत कौर लगातार कई पारियों से अर्धशतक नहीं लगा पाई थीं। ऐसे में उनकी यह पारी व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिहाज से भी बेहद खास रही। भारत ने इस मुकाबले में 92 रन से जीत दर्ज की और तीन मैचों की टी20 सीरीज में जिम्बाब्वे का 30 से सफाया कर दिया।

Harmanpreet Kaur ने बताया, अब किस बात पर है पूरा ध्यान

मैच के बाद हरमनप्रीत कौर ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि अब कोई दबाव रह गया है। अब मैदान पर अपने खेल का आनंद लेने की बात है और मैं यही करना चाहती हूं। मुझे क्रीज पर बल्लेबाजी करना पसंद है। मैं बस अपनी बल्लेबाजी का आनंद लेना चाहती हूं और अच्छा लगा कि रन भी बने।”

उन्होंने अपनी शानदार वापसी का श्रेय अभ्यास और बल्लेबाजी कोच हिमांशु चावला को भी दिया। हरमनप्रीत ने बताया कि उन्होंने सीरीज से पहले नेट्स में काफी समय बिताया और अपनी बल्लेबाजी पर मेहनत की। अब भारतीय प्रशंसकों की नजरें आगामी मुकाबलों पर होंगी, जहां हरमनप्रीत से इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।