सरकार की कोशिशों के तहत, राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के शहरों में सप्लाई बढ़ाने और कीमतों पर काबू पाने के लिए, महाराष्ट्र के नासिक से लगभग 453.65 टन प्याज लेकर पहली ‘कांदा एक्सप्रेस’ शुक्रवार को दिल्ली पहुंची. उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने बताया कि 21 वैगनों में 453.65 टन प्याज लेकर पहली कांदा एक्सप्रेस सुबह राष्ट्रीय राजधानी पहुंची. उन्होंने कहा कि नासिक में जमा किया गया यह प्याज दिल्लीNCR में 35 रुपए प्रति किलो की सब्सिडी वाली दर पर बेचा जाएगा. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। स्टॉक का कुछ हिस्सा चंडीगढ़, लुधियाना और जम्मू जैसे आसपास के शहरों में भी भेजा जाएगा. केंद्र सरकार के पास अभी ‘प्राइस स्टेबिलाइजेशन फंड’ के तहत बफर स्टॉक के तौर पर लगभग 1.21 लाख टन प्याज मौजूद है.

#WATCH | Delhi: The Kanda Express arrived at Adarsh Nagar Railway Station carrying a consignment of onions from Maharashtra. The onions are being unloaded at the station as the Central Government retails them in Delhi at a subsidised price of Rs 35 per kilogram. pic.twitter.com/dRKuXmSV59

— ANI August 28, 2026

कब सस्ती हो सकती है प्याज

खरे ने बताया कि शुक्रवार को चेन्नई जाने वाली कांदा एक्सप्रेस ट्रेन लोड की जाएगी, और इसके बाद मदुरै, एर्नाकुलम और गुवाहाटी के लिए एक के बाद एक ट्रेनें भेजी जाएंगी. उन्होंने कहा कि बफर स्टॉक जारी करने से एक हफ्ते के भीतर दिल्ली में प्याज की खुदरा कीमतें कम होने की उम्मीद है. उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, राजधानी में प्याज की खुदरा कीमतें गुरुवार को 88 प्रतिशत बढ़कर 62 रुपए प्रति किलो हो गईं, जो एक साल पहले 33 रुपए प्रति किलो थीं.

उसी दिन पूरे देश में औसत खुदरा कीमत 46.58 रुपए प्रति किलो थी, जबकि थोक भाव 38.29 रुपए प्रति किलो था. कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद, खरे ने कहा कि आने वाले महीनों में घरेलू मांग को पूरा करने के लिए प्याज की उपलब्धता ठीक रहेगी. इसकी वजह 202526 में अनुमानित 307.37 लाख टन उत्पादन है, जो पिछले साल हुए 307.67 लाख टन उत्पादन के लगभग बराबर है.

14 रेक से 86 तक

बड़े पैमाने पर प्याज़ की ढुलाई में लॉजिस्टिक्स की क्षमता को बेहतर बनाने के लिए 202425 में शुरू की गई ‘कांदा एक्सप्रेस’ पहल को काफी बढ़ाया गया है. 202425 में, लगभग 12,000 टन प्याज का बफर स्टॉक लेकर 14 रेलवे रैक पांच शहरों में भेजे गए थे. 202526 में, यह संख्या तेजी से बढ़कर 86 रैक हो गई, जिनसे देश भर के 16 बड़े शहरों में लगभग 88,000 टन प्याज पहुंचाया गया.