उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों से पहले सहारनपुर पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने दलित मतदाओं के बीच बड़ा संदेश दिया है. मंगलवार की दोपहर नितिन नबीन पार्टी के दलित कार्यकर्ता अजब सिंह के घर पहुंचे. उनके साथ यूपी भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी भी थे. दोनों नेताओं ने अजब सिंह के साथ उनके घर में बैठकर अरहर की दाल, रोटी, पुलाव, आलू की सूखी सब्जी, रायता और आइसक्रीम खाया. नितिन नबीन करीब 25 मिनट तक अजब सिंह के घर में रुके थे.

इससे पहले नितिन नबीन ने संत शिरोमणि रविदास मंदिर जाकर पूजा की. इस दौरान स्थानीय लोगों ने उन्हें संत रविदास की मूर्ति और पुस्तक भेंट की. आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा करने सहारनपुर पहुंचे भाजपा अध्यक्ष ने पश्चिमी यूपी के सांसदों, विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ मीटिंग की. इस दौरान पार्टी संगठन में पदाधिकारियों ने सम्मान नहीं मिलने की शिकायत की. इस पर पार्टी अध्यक्ष ने नाराजगी जताई.
चुनाव पर फोकस करे कार्यकर्ता
उन्होंने जिलाध्यक्षों से चुनावी तैयारियों का फीडबैक लेते हुए कहा कि सभी का फोकस इस समय विधानसभा चुनाव पर होनी चाहिए. उन्होंने भरोसा दिया कि पार्टी में किसी की उपेक्षा नहीं होने दी जाएगी. सरकार बनने पर सभी को उचित सम्मान मिलेगा. बैठक से बाहर निकलकर उन्होंने मीडिया से भी बात की. कहा कि बीजेपी सभी समाज को एक कड़ी में जोड़कर आगे बढ़ रही है. उन्होंने दावा किया कि 2027 में भाजपा एक फिर प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाएगी.
माफिया नहीं, विकास बना पहचान
उन्होंने कहा कि एक समय था, जब उत्तर प्रदेश को गुंडे और माफियाओं के लिए जाना जाता था. आज वही यूपी है, जहां के युवा सेमीकंडक्टर और एआई के जरिए दुनिया में पहचान बना रहे हैं. उत्तर प्रदेश की पहचान एक्सप्रेसवे और ब्रह्मोस जैसी मिसाइल बन रही हैं. यह अंतर यूपी की जनता देख और समझ रही है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसी अंतर पर इस बार वोट पड़ेंगे और परिणाम दुनिया देखेगी. साल 2022 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने यहां की सात में से पांच सीटें जीती थीं. वहीं सपा के खाते में दो सीटें गईं.
क्या है सहारनपुर का चुनावी गणित?
सहारनपुर में 7 विधानसभा सीटें बेहट, नकुड़, सहारनपुर नगर, सहारनपुर देहात, देवबंद, रामपुर मनिहारन और गंगोह हैं. इनमें से एक सीट रामपुर मनिहारन अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है. 2011 की जनगणना पर गौर करें तो यहां मुस्लिम आबादी करीब 43 फीसदी है, लेकिन 22% अनुसूचित जाति की आबादी किसी भी चुनाव में निर्णायक होती है. माना जा रहा है कि बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन ने इसी फैक्टर को ध्यान में रखते हुए दलित कार्यकर्ता के घर भोजनकर दलित वोटर्स को साधने की कोशिश की है.



