Lakhimpur Kheri News: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के शाहपुरा कोठी स्थित ‘चिल्ड्रेन एकेडमी स्कूल’ में सोमवार को हुई गोलीबारी की वारदात ने पूरे प्रदेश को स्तब्ध कर दिया है. लेकिन इस खौफनाक हत्याकांड के पीछे एक बेहद मार्मिक और चौंकाने वाला अतीत सामने आया है. जिस स्कूल में मृतका शिक्षिका निशात फातिमा और आरोपी सऊद अंसारी ने बचपन में साथ बैठकर पढ़ाई की थी, वर्षों बाद उसी स्कूल परिसर में दोनों की जिंदगी का दर्दनाक अंत हो गया.

स्थानीय लोगों और परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, शिक्षिका निशात फातिमा का परिवार मूल रूप से सुल्तानपुर जिले का रहने वाला है. करीब 10 वर्ष पहले बेहतर रोजगार और बच्चों की शिक्षा के सिलसिले में परिवार लखीमपुर खीरी आकर बस गया था. लखीमपुर आने के बाद परिवार ने नौरंगाबाद इलाके में सऊद अंसारी के घर में किराए पर रहना शुरू किया था. एक ही मकान में रहने के कारण दोनों परिवारों के बीच पारिवारिक रिश्ते बन गए थे और एकदूसरे के घर आनाजाना भी शुरू हो गया था.
इसी दौरान निशात फातिमा और सऊद अंसारी की पहचान हुई. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। दोनों ने शाहपुरा कोठी स्थित चिल्ड्रेन एकेडमी स्कूल से ही अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी की. स्कूल के पूर्व छात्रों के मुताबिक दोनों एकदूसरे को काफी लंबे समय से जानते थे.
समय बीतने के साथ निशात ने उच्च शिक्षा हासिल की और शिक्षण को अपना पेशा चुना. लगभग एक वर्ष पहले उन्हें उसी चिल्ड्रेन एकेडमी स्कूल में शिक्षिका के रूप में नियुक्ति मिली, जहां वह कभी खुद छात्रा हुआ करती थीं. वहीं दूसरी ओर, सऊद अंसारी निशात पर लगातार शादी का दबाव बनाने लगा और उनका पीछा करने लगा.
बचपन की यादों वाले स्कूल में गूंजी गोलियां
परिजनों का आरोप है कि सऊद का एकतरफा सिरफिरापन समय के साथ बढ़ता गया. परिवार द्वारा कई बार समझाने और सऊद के मातापिता से शिकायत करने के बावजूद वह बाज नहीं आया. सोमवार को इसी सनक के चलते सऊद हथियार लेकर स्कूल परिसर में घुसा. जिस स्कूल के गलियारों में कभी दोनों ने छात्र के रूप में समय बिताया था, वहीं उसने निशात फातिमा को गोलियों से भून दिया और बाद में खुद को भी गोली मारकर जीवन समाप्त कर लिया.
फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज, डिजिटल साक्ष्यों और परिजनों की तहरीर के आधार पर जांच कर रही है. लेकिन इस दर्दनाक वारदात ने पूरे लखीमपुर शहर को गहरे सदमे में डाल दिया है.



