भारतीय शेयर बाजार में आज लगातार दूसरे दिन सकारात्मक रुख देखने को मिला है। वैश्विक स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में सकारात्मक प्रगति और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ा है। शुरुआती कारोबार में ही बीएसई सेंसेक्स ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए 500 अंकों की तेजी दर्ज की, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 इंडेक्स 24,150 के महत्वपूर्ण स्तर के करीब पहुंच गया। सुबह के सत्र में सेंसेक्स 493.71 अंक यानी 0.64 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,416.35 के स्तर पर ट्रेड करता दिखा। इसी प्रकार, निफ्टी भी 143.85 अंक यानी 0.60 प्रतिशत ऊपर 24,149.70 पर कारोबार करता नजर आया।

बाजार के इस उछाल में आईटी सेक्टर की कंपनियों का विशेष योगदान रहा। देश की प्रमुख आईटी कंपनी इन्फोसिस के शेयरों में 3 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखी गई। आईटी क्षेत्र के अन्य शेयरों जैसे एचसीएल टेक, टीसीएस और टेक महिंद्रा में भी 2 प्रतिशत तक का उछाल आया, जिससे निफ्टी आईटी इंडेक्स सेक्टर के हिसाब से सबसे आगे रहा। हालांकि, बाजार की इस चौतरफा तेजी के बीच बजाज फाइनेंस के शेयरों में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जो बेंचमार्क इंडेक्स में सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाला शेयर रहा। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 19 शेयर तेजी के साथ खुले, जो बाजार की मजबूती को प्रदर्शित करता है।
ब्रॉडर बाजार में भी उत्साह का माहौल रहा, जहाँ निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में लगभग 0.3 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। इसके अलावा, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी मेटल सूचकांकों में भी 11 प्रतिशत की तेजी रही। एनएसई पर कुल 1,818 शेयरों में मजबूती देखी गई, जबकि 586 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। मुद्रा बाजार में भी भारतीय रुपया शुरुआती कारोबार में मजबूत होकर 94.95 के स्तर पर पहुंचा।
शेयर बाजार की इस तेजी के पीछे मुख्य कारक कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट है। ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधियों के बीच कतर की राजधानी दोहा में हो रही चर्चाओं से तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता कम हुई है, जिससे ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.06 प्रतिशत की गिरावट के साथ 70.81 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई कमी भारतीय अर्थव्यवस्था और घरेलू बाजार के लिए राहत भरी खबर है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, भूराजनीतिक मोर्चे पर जारी ये सकारात्मक बातचीत निवेशकों के भरोसे को बढ़ा रही है, जिससे आने वाले दिनों में बाजार की चाल और भी स्थिर हो सकती है।



