अयोध्या के राम मंदिर चंदा चोरी मामले की जांच जैसेजैसे आगे बढ़ रही है, नएनए खुलासे हो रहे हैं. अब चढ़ावा चोरी में बहुत बड़ा पर्दाफाश हुआ है. 8 में से 7 अभियुक्तों से हुई बरामदगी का पूरा ब्योरा TV9 के पास मौजूद है. इसमें अविनाश शुक्ला से 20 लाख 39 हजार रुपये, 1 हजार से ज्यादा डॉलर और सोने की चेन और अंगूठी भी मिली है.

अविनाश जिस किराए के कमरे में रह रहा था, वहां से एक संदूक बरामद हुआ है. इस पर ‘राम राज्य कोष’ लिखा हुआ है. साथ ही उस पर पेटीएम का बार कोड भी लगा हुआ है. ऑनलाइन दान देने के लिए यह बार कोड लगा हुआ था. बक्से पर ताला लगा हुआ था. कमरे में दो और बक्से रखे हुए हैं. बताया जा रहा है कि दान चोरी के लाखों रुपए यहीं से बरामद हुए थे. अविनाश शुक्ला प्रतापगढ़ का रहने वाला है. उसके घर पर पुलिस ने रेड भी की थी. आइए जानते हैं कि रुपये से लेकर डॉलर और ज्वेलरी तक क्याक्या हुआ बरामद?

अविनाश शुक्ला से हुई बरामदगी?

नोट संख्या कुल रुपये
500 3609 18 लाख 4 हजार 500
200 579 1 लाख 15 हजार 800
100 1182 1 लाख 18 हजार 200
50 5 250
20 21 420
10 5 50

इस तरह कुल ₹20 लाख 39 हजार 220 बरामद हुए हैं. भारतीय करेंसी के साथ ही डॉलर भी मिले हैं, जिसका आकंड़ा कुछ इस तरह है

नोट संख्या कुल डॉलर
$100 8 $ 800
$ 50 2 $100
$20 9 $180
$10 3 $30
$5 2 $10
$1 1 $1

इस तरह कुल $1121 US मिले हैं. भारतीय करेंसी के हिसाब से ये 106657 रुपये होते हैं.

अविनाश के साथ ही आरोपी लवकुश मिश्रा के पास से ₹14 लाख 25 हजार रुपये की बरामदगी हुई है. करुणेश पांडे से ₹18 लाख 7 हजार 63, टिन्नू यादव से 1 लाख कैश बरामद हुआ है. इसमें 500 के 180 नोट और 100 की गड्डी बरामद हुई है. रामशंकर मिश्रा से ₹7 लाख 32 हजार 170, अनुकल्प मिश्रा से ₹16 लाख 82 हजार 40, मनीष कुमार यादव से ₹2 लाख रुपये बरामद हुए हैं.

इसके साथ ही चढ़ावा चोरी से जुड़ी बड़ी खबर ये है कि ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर FIR की तैयारी हो रही है. गुरुवार को बार के वकील जन्मभूमि थाने जाएंगे. इनकी संख्या करीब 2000 हो सकती है. वकीलों ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव पर FIR की मांग की थी. उधर, चढ़ावा चोरी मामले में गोविंददेव से पूछताछ होगी, जो कि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष हैं. उनके दानराशि के प्रबंधन को लेकर सवाल होंगे. वित्तीय निगरानी को लेकर सवाल होंगे. पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली जाएगी.

गोविंद देव गिरी पर उठने वाले सवाल

  • कोषाध्यक्ष होने के बावजूद दानपात्रों में कथित गड़बड़ी कैसे हुई?
  • विवाद के बाद विस्तृत सार्वजनिक स्पष्टीकरण क्यों नहीं दिया?
  • सूचना मिलने के बाद FIR तुरंत क्यों नहीं हुई?
  • कुल दान, नुकसान और बरामद राशि का पूरा ब्योरा सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया?
  • दान गिनने वाले कर्मचारियों की निगरानी में चूक कैसे हुई?
  • क्या ऑडिट में पहले कोई वित्तीय गड़बड़ी सामने आई थी? यदि हां, तो कार्रवाई क्या हुई?
  • बोर्ड को इस मामले की जानकारी कब और कैसे दी गई?
  • मीडिया के सामने विस्तृत प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों नहीं की गई?

ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष की प्रमुख जिम्मेदारियां

  • वित्तीय प्रबंधन: फंड, बैंक खाते और खर्चों की निगरानी
  • दान प्रबंधन: नकद, हुंडी, गहने और चांदी के दान को सुरक्षित रखना
  • लेखाजोखा: आयव्यय का रिकॉर्ड और नियमित ऑडिट
  • बजट नियंत्रण: निर्माण और अन्य खर्चों की वित्तीय स्वीकृति और निगरानी
  • पारदर्शिता: दान के उपयोग की जानकारी जरूरत पड़ने पर सार्वजनिक करना
  • बोर्ड रिपोर्टिंग: वित्तीय स्थिति और ऑडिट रिपोर्ट बोर्ड के सामने पेश करना
  • कानूनी अनुपालन: आयकर, FCRA और अन्य नियमों का पालन सुनिश्चित करना
  • ऑडिट समन्वय: आंतरिक और बाहरी ऑडिट की निगरानी
  • स्टाफ निगरानी: दान और फंड संभालने वाले कर्मचारियों की देखरेख
  • जवाबदेही: किसी भी वित्तीय अनियमितता की तुरंत जानकारी देना और कार्रवाई करना