बढ़ती उम्र के साथ दिमाग की सेहत का ध्यान रखना उतना ही जरूरी हो जाता है, जितना शरीर के बाकी अंगों का. आजकल याददाश्त कमजोर होना, ध्यान लगाने में कठिनाई या सोचनेसमझने की क्षमता में बदलाव जैसी समस्याएं कई लोगों में देखने को मिल रही हैं. हालांकि हर भूलने की समस्या किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होती, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि दिमाग को लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखने के लिए समय रहते सही कदम उठाना जरूरी है. अच्छी आदतें और स्वस्थ दिनचर्या इस दिशा में अहम भूमिका निभा सकती हैं.

इसी को ध्यान में रखते हुए ने दिमागी सेहत और डिमेंशिया के खतरे को कम करने के लिए अपनी नई गाइडलाइन जारी की है. इसमें इस बात पर जोर दिया गया है कि बढ़ती उम्र में भी दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ इलाज ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की लाइफस्टाइल भी अहम भूमिका निभाती है. आइए जानते हैं कि WHO दिमाग को लंबे समय तक स्वस्थ रखने के लिए क्या सलाह देता है, किन स्वास्थ्य समस्याओं पर कंट्रोल रखने की बात कहता है और किन आदतों से बचने की सलाह देता है.
दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए WHO किन लाइफस्टाइल आदतों को अपनाने की सलाह देता है?
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के अनुसार, दिमाग को लंबे समय तक स्वस्थ रखने के लिए स्वस्थ लाइफस्टाइल अपनाना बहुत जरूरी है. WHO नियमित शारीरिक एक्टिविटी करने, संतुलित और पौष्टिक भोजन खाने तथा धूम्रपान से दूर रहने की सलाह देता है. शराब का अधिक सेवन करने वाले लोगों को इसकी मात्रा कम करने या छोड़ने की भी सलाह दी जाती है.
इसके अलावा मानसिक रूप से एक्टिव रहने के लिए नई चीजें सीखना, पढ़ना, पहेलियां हल करना या याददाश्त बढ़ाने वाली एक्टिविटी करना भी फायदेमंद माना गया है. बढ़ती उम्र में स्वस्थ वजन बनाए रखना और सामाजिक रूप से एक्टिव रहना भी दिमागी सेहत के लिए अच्छा माना जाता है. WHO का कहना है कि ऐसी आदतें अपनाने से उम्र बढ़ने के साथ होने वाली याददाश्त और सोचनेसमझने की क्षमता में गिरावट का खतरा कम किया जा सकता है.
WHO के अनुसार किन स्वास्थ्य समस्याओं को नियंत्रित रखना जरूरी है?
WHO के मुताबिक, दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए कुछ स्वास्थ्य समस्याओं को समय रहते कंट्रोल रखना जरूरी है. इनमें हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल, अधिक वजन या मोटापा, सुनने की समस्या और डिप्रेशन जैसी स्थितियां शामिल हैं.
इन समस्याओं का समय पर इलाज और नियमित जांच कराने से दिमागी सेहत को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है. अगर इनमें से कोई समस्या पहले से है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार उसका इलाज जारी रखना चाहिए.
दिमागी सेहत को नुकसान पहुंचाने वाली किन आदतों से बचने की सलाह देता है WHO?
धूम्रपान, शराब का हानिकारक स्तर तक सेवन, लंबे समय तक शारीरिक एक्टिविटी न करना, गलत खानपान लेना और स्वास्थ्य समस्याओं को नजरअंदाज करना दिमागी सेहत पर बुरा असर डाल सकते हैं.
इसके अलावा नियमित जांच न कराना और डॉक्टर की सलाह के बिना बीमारियों को अनदेखा करना भी जोखिम बढ़ा सकता है. WHO का कहना है कि स्वस्थ लाइफस्टाइल अपनाकर और इन आदतों से बचकर लंबे समय तक दिमाग को बेहतर स्थिति में रखा जा सकता है.



