Hunter Wali Madam Bihar Police: बिहार पुलिस में कड़क मिजाज, माफियाओं के छक्के छुड़ाने वाली और अपराधियों के मंसूबों को पल भर में चकनाचूर करने वाली 1990 बैच की सीनियर आईपीएस अधिकारी शोभा ओहटकर आज रिटायर हो जाएंगी. गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशमन सेवा की महानिदेशक सह महासमादेष्टा के पद से उनकी विदाई के लिए पटना के बिहटा आनंदपुर स्थित केंद्रीय प्रशिक्षण संस्थान में एक भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया है.

महज 22 साल की उम्र में IPS बनने वाली शोभा ओहटकर की कमी बिहार पुलिस को हमेशा खलेगी. आइए जानते हैं ‘हंटर वाली मैडम’ के नाम से मशहूर इस जांबाज अफसर के सफर और उन कारनामों के बारे में, जिनकी गूंज पूरे देश में रही.

जब 22 साल की लड़की बुलेट पर निकलती, तो कांप उठते थे अपराधी

शोभा ओहटकर का जन्म महाराष्ट्र के पुणे में हुआ था. उन्होंने हैदराबाद से राजनीति विज्ञान में एमए किया और इसके बाद सिविल सर्विसेज परीक्षा पास की. उनके पिता बलराम ओहटकर हैदराबाद में एक्साइज कमिश्नर रहे हैं, जिन्हें शोभा अपनी सफलता का श्रेय देती हैं.

साल 1992 में महज 22 साल की उम्र में उनकी पहली पोस्टिंग पटना सिटी में एएसपी के रूप में हुई थी. उस दौर में बिहार में अपराध चरम पर था. हत्या, लूट, डकैती और रंगदारी आम बात थी. जब कम उम्र की यह महिला IPS अधिकारी सड़कों पर बुलेट से गश्त के लिए निकलती थी, तो अपराधियों के रोंगटे खड़े हो जाते थे. वे जिस भी जिले में एसपी बनकर गईं, वहां जनता का भरोसा जीता और अपराध के ग्राफ को 50% से ज्यादा नीचे ले आईं.

कोयला माफिया पर ऐसी स्ट्राइक कि नाम ‘गिनीज बुक’ में दर्ज हुआ

साल 1992 से 2000 के बीच शोभा ओहटकर ने 6 जिलों पटना, दरभंगा, हजारीबाग, छपरा, वैशाली और देवघर में बतौर एसपी काम किया. इनमें सबसे ज्यादा चर्चा हजारीबाग की रही. हजारीबाग में पोस्टिंग के दौरान उन्होंने अवैध कोयला माफिया के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की थी.

उन्होंने एक ही झटके में करोड़ों रुपये का कोयला जब्त कर 40 से अधिक बड़े तस्करों को सलाखों के पीछे भेज दिया था. यह कार्रवाई उस दौर में पूरे देश में सुर्खियां बनी और इस ऐतिहासिक रेड के कारण उनका नाम ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में दर्ज हुआ.

बीच सड़क पर हंटर से पिटाई, ऐसे पड़ा ‘हंटर वाली मैडम’ नाम

देवघर में पोस्टिंग के दौरान जब बाबा बैजनाथ धाम मंदिर के आसपास महिलाओं से छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार की शिकायतें बढ़ीं, तो शोभा ओहटकर ने रौद्र रूप अपनाया. उन्होंने मनचलों और अपराधियों को पकड़कर बीच सड़क पर ही हंटर से पीटना शुरू कर दिया. इसी खौफ और न्याय के अनोखे तरीके के कारण अपराधियों के बीच उनका नाम ‘हंटर वाली मैडम’ पड़ गया.

इसके अलावा क्यों थीं शोभा ओहटकर चर्चा में

दरभंगा : अपहरण उद्योग के खिलाफ मुहिम चलाई. कई सफेदपोशों के दबाव के बावजूद डटी रहीं और किडनैपिंग रैकेट को पूरी तरह खत्म किया.

वैशाली दियारा: राघोपुर के दियारा क्षेत्र में आतंक का पर्याय बने 16 से 17 बड़े अपराधी गैंग्स का पूरी तरह सफाया कर दिया.

विवादों से भी रहा नाता

शोभा ओहटकर का करियर जितना शानदार रहा, उतना ही विवादों में भी रहा. साल 2023 में उनका और आईजी विकास वैभव का विवाद पूरे देश में चर्चा का विषय बना था. आईजी विकास वैभव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर आरोप लगाया था कि डीजी शोभा ओहटकर उन्हें और उनके परिवार को गालियां देती हैं तथा मानसिक रूप से प्रताड़ित करती हैं. हालांकि, शोभा ओहटकर ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे अनुशासनहीनता और काम में बाधा डालने का मामला बताया था. इन विवादों से इतर, बिहार में फायर सर्विसेज और होमगार्ड के आधुनिकीकरण तथा पुलिस सुधारों के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा.