अयोध्या में भगवान राम के नाम पर काली कमाई का पर्दाफाश हो गया है. हर रोज नए खुलासे हो रहे हैं. जांच जैसेजैसे आगे बढ़ रही है, वैसेवैसे इसमें नए किरदारों की एंट्री हो रही है, चढ़ावा चोरी के कई सबूत उजागर हो रहे हैं. इस बीच एक ‘रामराज्य कोष’ वाला बक्सा सामने आया है. इस पर क्यूआर कोड है. यह बक्सा योगा सेंटर में मिला है. रेड के दौरान इसी केंद्र से ज्यादा रकम मिली थी. बताया जाता है कि योग सेंटर से अभियुक्त अविनाश शुक्ला को भगाया गया था. वह यहां अपने भाई के साथ रहता था.

15 जुलाई तक बढ़ी SIT जांच की अवधि
हालांकि, योगा सेंटर के स्टाफ ने बताया कि इस क्यूआर कोड का अविनाश शुक्ला से कोई संबंध नहीं था. अयोध्या योग केंद्र की योगाचार्य सीमा तिवारी ने कहा कि अविनाश की वजह से केंद्र की बदनामी हुई है. उसे कड़ी सजा मिले. ये एक आदमी का काम नहीं है. 5 जून को पुलिस, योग केंद्र की तलाशी के बाद अविनाश को लेकर चली गई थी. चढ़ावा चोरी केस में SIT जांच की अवधि 15 जुलाई तक बढ़ाई गई.
कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी से होगी पूछताछ
चढ़ावा चोरी केस में पुलिस ने जेल में बंद अभियुक्त अविनाश शुक्ला से 2 घंटे तक पूछताछ की. सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में अविनाश शुक्ला ने चोरी की बात स्वीकार कर ली. अभियुक्तों की संपत्तियों को भी खंगाला जा रहा है. राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच अब ट्रस्ट के शीर्ष स्तर तक पहुंच गई है. ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी से अब पूछताछ होगी. पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने मुंह पर अंगूली रख ली. बता दें कि 6 जुलाई को राम मंदिर जन्मभूमि ट्रस्ट की अहम बैठक होगी. इसके बाद और भी कई चीजें सामने आएंगी.
कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी से पूछताछ क्यों?
- गोविंद देव गिरी राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष हैं.
- गोविंद देव गिरी के पास प्रबंधन की पूरी जिम्मेदारी है.
- वित्तिय निगरानी का जिम्मा भी इन्हीं के पास है.
- राम मंदिर ट्रस्ट की जवाबदेही को लेकर सवाल
- चढ़ावे की गणना के तरीके के बारे में जानना जरूरी
- बैंक में पैसे जमा करने की प्रक्रिया पता करनी है
- प्रक्रिया में चूक के बारे में सवाल करने हैं
- वित्तिय निगरानी को लेकर सवाल होंगे
- बैंक के साथ MoU पर कोषाध्यक्ष के भी हस्ताक्षर
- MoU के प्रावधानों को लेकर सवाल होंगे.
कलंक लेकर अयोध्या से नहीं जाएं चंपत राय
उधर, चढ़ावा चोरी को लेकर राम जन्मभूमि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने अपने करीबियों कहा कि वह कलंक लेकर अयोध्या से नहीं जाएंगे. अयोध्या में उनकी सेवा पूरी हो चुकी है. एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट के बाद वह अपना पक्ष रखेंगे.
कुंभ मेले के दौरान राम मंदिर में सबसे ज्यादा चोरी
सूत्रों के हवाले से खबर ये भी है कि कुंभ मेले के दौरान राम मंदिर में सबसे ज्यादा चोरी हुई. अयोध्या पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों में से कुछ कुंभ से पहले भी चोरी करते थे. कुंभ के दौरान चढ़ावा बढ़ा तो चोरी भी बढ़ने लगी. लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा पर सबसे ज्यादा चोरी करने का आरोप है. अयोध्या पुलिस मनी ट्रेल की जांच के लिए ईडी को चिट्ठी लिखेगी.



