उत्तर प्रदेश के बरेली जंक्शन से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए जुलाई का महीना कुछ मुश्किल भरा रह सकता है. रेलवे ने बरेली जंक्शन यार्ड में वाशिंग लाइन संख्या 36 और 37 के रखरखाव के लिए 5 जुलाई से 3 अगस्त तक 30 दिन का मेगा ब्लॉक लेने का फैसला किया है. इस दौरान कई ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ेगा. कुछ ट्रेनें पूरी तरह निरस्त रहेंगी, जबकि कुछ ट्रेनों का संचालन बदले हुए कार्यक्रम के अनुसार किया जाएगा.

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, बरेली यार्ड की पुरानी वाशिंग लाइन पर लंबे समय से रखरखाव कार्य की जरूरत महसूस की जा रही थी. इसी कारण एक महीने का विशेष ब्लॉक लिया गया है, ताकि भविष्य में ट्रेनों की देखभाल और संचालन बेहतर तरीके से हो सके. ब्लॉक के दौरान कोचों की सफाई और तकनीकी जांच का काम नई वाशिंग लाइन के माध्यम से किया जाएगा.
इन ट्रेनों पर पड़ेगा असर
मेगा ब्लॉक की वजह से कई महत्वपूर्ण ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा. रेलवे ने कुछ ट्रेनों को तय तिथियों पर निरस्त करने का फैसला लिया है. इनमें बरेलीलालकुआं, लालकुआंबरेली, बरेलीइंदौर और इंदौरबरेली रूट की ट्रेनें शामिल हैं. इसके अलावा बरेलीदिल्ली पैसेंजर और दिल्लीबरेली पैसेंजर का संचालन पूरे ब्लॉक के दौरान यानी 5 जुलाई से 3 अगस्त तक बंद रहेगा. रोजाना इन ट्रेनों से सफर करने वाले यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है.
रेलवे का कहना है कि बाकी ट्रेनों पर असर कम करने के लिए अतिरिक्त रेक और दूसरी परिचालन व्यवस्था तैयार की गई है. साथ ही, इस अवधि में बरेली यार्ड से किसी विशेष, सैन्य या अतिरिक्त ट्रेन के संचालन की योजना नहीं बनाई गई है.
ललितपुर यार्ड कार्य का भी असर, कई ट्रेनों का रूट बदलेगा
इसी बीच उत्तर मध्य रेलवे के ललितपुर स्टेशन पर यार्ड रीमॉडलिंग का काम भी शुरू किया जा रहा है. इसका असर मुरादाबाद मंडल से होकर गुजरने वाली कई ट्रेनों पर दिखाई देगा.
रेलवे के अनुसार, लालकुआंकेएसआर बेंगलुरु एक्सप्रेस और केएसआर बेंगलुरुलालकुआं एक्सप्रेस कुछ तय तिथियों पर रद्द रहेंगी. वहीं, योगनगरी ऋषिकेश और हुब्बली के बीच चलने वाली ट्रेनें भी कुछ दिनों तक संचालित नहीं होंगी.
कुछ लंबी दूरी की ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा, ताकि यात्रियों को पूरी तरह असुविधा न हो. हरिद्वारलोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस सहित कुछ ट्रेनों के मार्ग में अस्थायी बदलाव किया गया है.
उधर, रेलवे कार्यों का असर ट्रेनों की समयबद्धता पर भी दिख रहा है. मंगलवार को काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस और उपासना एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें कई घंटे की देरी से बरेली पहुंचीं. स्टेशन पर यात्रियों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा. प्लेटफॉर्म और प्रतीक्षालयों में भीड़ बढ़ने से परेशानी और ज्यादा महसूस हुई.
रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जरूर जांच लें, ताकि स्टेशन पहुंचने के बाद अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े.



