एक सरकारी रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल अपने क्रिप्टो बिजनेस से लगभग 1.2 बिलियन डॉलर यानी 11 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा कमाए. उन्होंने तब मुनाफा कमाया जब उनके निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ा. जब उन्होंने पद की शपथ ली थी, तब ये नए बिजनेस सिर्फ स्टार्टअप थे, लेकिन अब इनकी कमाई उनके उस विशाल प्रॉपर्टी पोर्टफोलियो से भी ज्यादा हो गई है जिसे बनाने में उन्हें दशकों लगे थे. इनकी तेज बढ़ोतरी के पीछे अरबपति निवेशक और ट्रंप का खुद का वह कदम था जिससे उन्होंने इस इंडस्ट्री पर होने वाली सरकारी कार्रवाई को रोक दिया था.

क्रिप्टो प्रोजेक्ट से कमाए करोड़ों डॉलर

‘ऑफिस ऑफ़ गवर्नमेंट एथिक्स’ को दी गई जरूरी सालाना जानकारी रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप को अपने ‘वर्ल्ड लिबर्टी फाइनेंशियल’ बिजनेस से नए क्रिप्टो प्रोडक्ट बेचकर 500 मिलियन डॉलर से ज्यादा मिले. रिपोर्ट में यह भी पता चला कि एक और क्रिप्टो बिजनेस, ‘CIC डिजिटल LLC’ ने उनके चेहरे वाली यादगार “मीम” कॉइन बेचकर 600 मिलियन डॉलर से ज्यादा कमाए. बिक्री के बाद से इन टोकन और कॉइन, दोनों की कीमत में भारी गिरावट आई है. ट्रंप ने पिछले साल ट्रंपब्रांडेड बाइबिल, स्नीकर्स और दूसरी छोटी चीज़ें बेचकर भी लाखों डॉलर कमाए, जो राष्ट्रपति पद के लिए एक अभूतपूर्व कदम था. अकेले ट्रंपब्रांडेड घड़ियों की सेल से 4.7 मिलियन डॉलर की कमाई हुई.

ट्रंप की नेटवर्थ में कितना इजाफा?

927 पन्नों का यह खुलासा करने वाला फॉर्म राष्ट्रपति की संपत्ति में हुई भारी बढ़ोतरी की एक साफ, हालांकि अधूरी तस्वीर पेश करता है. यह बढ़ोतरी पिछले साल जनवरी में पद संभालने के बाद से बिजनेस हितों के एक जाल के जरिए हुई है जिनमें से कई को ट्रंप की अपनी सरकार के नीतिगत फैसलों से फ़ायदा हुआ है. ट्रंप का कहना है कि उनके बेटे उनके फाइनेंस का काम देखते हैं, लेकिन यह व्यवस्था हितों के टकराव से बचाने वाले उन नियमों को नजरअंदाज़ करती है जिन्हें उनसे पहले के राष्ट्रपतियों ने लागू किया था. फोर्ब्स का अनुमान है कि ट्रंप की कुल संपत्ति 6 ​​बिलियन डॉलर है, जो 2024 में 2.3 बिलियन डॉलर थी.

कई देशों में जबरदस्त कमाई

ट्रंप का बिजनेस विदेशों में भी बढ़ रहा है. ट्रंप की प्रॉपर्टी की तुलना में क्रिप्टो का बढ़ना खास तौर पर ध्यान देने लायक है क्योंकि वे सबसे पहले अपनी प्रॉपर्टी की सफलताओं का दावा करके ही सत्ता में आए थे. यह बात इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि उनका मुख्य बिजनेस भी पिछले साल तेजी से बढ़ा. ट्रंप ने विदेशों में कई नए होटल, रिज़ॉर्ट और कॉन्डो डील्स से करोड़ों डॉलर की फीस कमाई, जो उनके परिवार के बिजनेस की शुरुआत के बाद से एक सदी में प्रॉपर्टी का सबसे बड़ा विस्तार है.

इनमें से कई देश टैरिफ, सैन्य सहायता और अन्य महत्वपूर्ण मामलों पर अमेरिका के साथ बातचीत कर रहे थे. संयुक्त अरब अमीरात में एक प्रॉपर्टी से ट्रंप के बिजनेस को 10.4 मिलियन डॉलर की कमाई हुई. सऊदी अरब में शाही परिवार के करीबी एक रियल एस्टेट डेवलपर की ओर से बनाई जा रही एक प्रॉपर्टी से राष्ट्रपति की कंपनी को 9 मिलियन डॉलर मिले. इसके अलावा, बुखारेस्ट और कतर में मौजूद प्रॉपर्टीजज से उन्हें 55 मिलियन डॉलर मिले.

फ्लोरिडा में उनकी मशहूर प्रॉपर्टी ‘मारएलागो’ की कमाई में भी पिछले साल ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई. ट्रंप ने इस प्रॉपर्टी से 77 मिलियन डॉलर कमाए. यह पिछले साल के मुकाबले 50 फीसदी ज़्यादा है, जब वे सिर्फ एक आम नागरिक थे. नए कार्यकाल में राष्ट्राध्यक्ष और कारोबारी बड़ी संख्या में यहां आने लगे.

सिर्फ रेवेन्यू के आंकड़े, प्रॉफिट के नहीं

खुलासे वाली रिपोर्ट में मुनाफे के आंकड़े नहीं, बल्कि सिर्फ रेवेन्यू की जानकारी दी गई है, इसलिए यह पता लगाना मुश्किल है कि वे असल में कितना कमा रहे हैं. ट्रंप अब अरबों डॉलर के क्रिप्टो मैन बन गए हैं. पिछले साल पद संभालने के बाद, ट्रंप ने क्रिप्टो इंडस्ट्री के प्रति बाइडेन प्रशासन के सख़्त रुख को बदल दिया और इंडस्ट्री के लिए फ़ायदेमंद नीतियां लागू कीं, लेकिन रेगुलेटर्स को अभी भी कुछ चिंताएं थीं. ट्रंप के ‘वर्ल्ड लिबर्टी’ द्वारा “गवर्नेंस टोकन” बेचना शुरू करने से पहले, उन्होंने इस नए तरह के क्रिप्टो एसेट के बारे में चेतावनी जारी की थी. उन्होंने कहा था कि स्टॉक के उलट, ये टोकन जारी करने वाली कंपनी में कोई मालिकाना हक नहीं देते, बल्कि कुछ कॉर्पोरेट पॉलिसीज पर वोटिंग का अधिकार देते हैं और इनकी कीमत का अंदाज़ा लगाना मुश्किल है.

वर्ल्ड लिबर्टी टोकन की कीमत में 80 फीसदी की गिरावट

इस बीच, निवेशकों ने देखा है कि उनके मीम कॉइन की कीमत में भारी गिरावट आई है. जनवरी 2025 में लॉन्च होने के कुछ ही दिनों बाद इसकी कीमत 74 डॉलर से ज्यादा ज़्यादा हो गई थी, लेकिन अब यह सिर्फ़ 1.68 डॉलर में बिक रहा है. साथ ही, सितंबर में ट्रेडिंग शुरू होने के बाद से वर्ल्ड लिबर्टी टोकन की कीमत में 80 फीसदी की गिरावट आई है. व्हाइट हाउस का कहना है कि ट्रंप सिर्फ जनहित में काम करते हैं. व्हाइट हाउस ने बारबार कहा है कि ट्रंप ने अपना बिज़नेस एक ट्रस्ट को सौंप दिया है जिसे उनके बेटे संभालते हैं, कोई हितों का टकराव नहीं है और वे सिर्फ देश के हित में काम करते हैं. ट्रंप की मुख्य कंपनी, ‘ट्रंप ऑर्गनाइजेशन’ ने कहा है कि विदेशों में उनकी डील्स प्राइवेट कंपनियों के साथ थीं, सरकारों के साथ नहीं. फिर भी, यह पता लगाना मुश्किल है कि तानाशाहों, शाही परिवारों और एकपार्टी वाली सरकारों वाले देशों में असल में क्या चीज प्राइवेट है.

वियतनाम में भी कमाई

वियतनाम में ट्रंप के एक नए रिज़ॉर्ट के मामले में, रिपोर्ट से पता चलता है कि पिछले साल ट्रंप को 5 मिलियन डॉलर मिले. यह तब हुआ जब वहां की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी ने डील को मंजूरी देने के लिए अपने डिप्टी प्राइम मिनिस्टर को भेजा और ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ के अनुसार, कंस्ट्रक्शन के लिए जगह बनाने के लिए किसानों को उनकी ज़मीन से हटा दिया. क्या इन डील्स ने अमेरिका की नीतियों को उन देशों की चाहत के मुताबिक बदलने में कोई भूमिका निभाई, यह जानना लगभग नामुमकिन है, लेकिन उन देशों को वह मिल गया जो वे चाहते थे. वियतनाम को टैरिफ में राहत मिली. कतर को अमेरिका की ऐसी एडवांस्ड टेक्नोलॉजी मिली जो पहले उसके लिए उपलब्ध नहीं थी और सऊदी अरब को अमेरिका के वे फाइटर जेट मिले जिनकी उसे बरसों से चाहत थी.