दुनिया भर के कई करोड़पति और अरबपति टैक्टपेयर्स अब ग्रीस का रुख कर रहे हैं. बीते 23 सालों में यह ट्रेंड काफी बढ़ा है. अभी हाल में ब्रिटेन के अरबपति हेज फंड मैनेजर क्रिस रोकॉस के लंदन छोड़ने की बात को लेकर फिर से चर्चा में है. क्रिस रोकॉस ने अपनी टैक्स रेजिडेंसी ग्रीस में शिफ्ट करने का फैसला किया है. रोकॉस कैपिटल मैनेजमेंट के फाउंडर रोकॉस ने पिछले साल ब्रिटेन में करीब 330 मिलियन पाउंड यानी लगभग 4,235 करोड़ रुपये टैक्स दिया था.

अब उनका ग्रीस जाना इस बात की चर्चा तेज कर रहा है कि आखिर अमीरों के लिए ग्रीस इतना आकर्षक क्यों बन रहा है. रोकॉस का फैसला सिर्फ एक कारोबारी का देश बदलना नहीं है. यह यूरोप में अमीर लोगों के बीच बदलती पसंद का हिस्सा है. ग्रीस अब उन लोगों को आकर्षित कर रहा है जो कम टैक्स, बेहतर मौसम, समुद्र के किनारे जिंदगी और यूरोप में रहने की सुविधा इन सबको एक साथ चाहते हैं. लेकिन सवाल है कि कितने करोड़पति ग्रीस जा रहे हैं और इसके पीछे असली वजह क्या है?

कितने करोड़पति ग्रीस जा रहे हैं?

वेल्थ माइग्रेशन पर काम करने वाली संस्था हेनली एंड पार्टनर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में ग्रीस में करीब 1,200 करोड़पति आने का अनुमान था. यह आंकड़ा ग्रीस को दुनिया के उन देशों में शामिल करता है जो अमीर लोगों को आकर्षित कर रहे हैं. 2026 की हेनली रिपोर्ट में भी ग्रीस को दुनिया के उन देशों में बताया गया है जो अंतरराष्ट्रीय संपत्ति वाले लोगों के लिए तेजी से आकर्षक बन रहे हैं. इसका मतलब यह नहीं कि सभी लोग ब्रिटेन से ही आ रहे हैं. ग्रीस में आने वाले अमीर लोगों में अलगअलग देशों के नागरिक शामिल हैं. ग्रीस की सबसे बड़ी खासियत उसका नॉनडोम टैक्स रेजिडेंसी प्रोग्राम है. इसके तहत कुछ शर्तें पूरी करने वाले नए विदेशी टैक्स रेजिडेंट अपने विदेश से होने वाले इनकम पर हर साल 1 लाख यूरो का फ्लैट टैक्स दे सकते हैं.

यह सुविधा अधिकतम 15 साल तक मिल सकती है. यानी विदेश से होने वाली बहुत बड़ी कमाई पर भी टैक्स की रकम एक तय सीमा में रह सकती है. यही बात उन लोगों के लिए खास है जिनकी कमाई बहुत ज्यादा है. उदाहरण के लिए, अगर किसी अरबपति की विदेश से होने वाली आय करोड़ों यूरो में है, तो सामान्य इनकम टैक्स के मुकाबले 1 लाख यूरो का तय टैक्स काफी कम पड़ सकता है. हालांकि, यह सुविधा हर अमीर व्यक्ति को अपने आप नहीं मिलती. इसके लिए ग्रीस के टैक्स नियमों के तहत पात्रता और शर्तें पूरी करनी होती हैं.

ब्रिटेन में क्या बदल गया?

ब्रिटेन में अमीर लोगों के लिए टैक्स का माहौल पहले जैसा नहीं रहा. सरकार ने नॉनडोम स्टेटस खत्म किया है. यह व्यवस्था पहले उन लोगों को कुछ टैक्स फायदे देती थी जिनका स्थायी घर ब्रिटेन के बाहर माना जाता था. अब विदेश से होने वाली आय और संपत्ति पर टैक्स को लेकर नियम सख्त हुए हैं. इसी के साथ ब्रिटेन में कैपिटल गेन, विरासत और प्राइवेट इक्विटी से जुड़े टैक्स को लेकर भी अमीर लोगों के बीच चिंता बढ़ी है. रोकॉस के अलावा लक्ष्मी मित्तल और नसीफ साविरिस जैसे बड़े कारोबारी भी ब्रिटेन छोड़कर दूसरे देशों में जा चुके हैं. हालांकि, हर व्यक्ति के देश बदलने की वजह अलग हो सकती है और इसे सिर्फ टैक्स का मामला मानना सही नहीं होगा.

ग्रीस में सिर्फ टैक्स ही नहीं, जिंदगी भी आकर्षक

ग्रीस की दूसरी बड़ी ताकत उसकी लाइफस्टाइल है. समुद्र, धूप, गर्म मौसम, छोटे शहरों का माहौल और यूरोप के दूसरे देशों से कनेक्टिविटी ये सब अमीर लोगों को आकर्षित करते हैं. खासकर वे लोग जो लंदन जैसे महंगे और व्यस्त शहर से कुछ समय दूर रहना चाहते हैं, उनके लिए ग्रीस एक बेहतर विकल्प बन रहा है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसके अलावा, ग्रीस में गोल्डन वीजा प्रोग्राम भी है. इसके तहत कुछ विदेशी निवेशक तय शर्तों के अनुसार निवेश करके रेजिडेंसी हासिल कर सकते हैं. हालांकि, 2023 से इस प्रोग्राम में प्रॉपर्टी निवेश की न्यूनतम रकम और नियमों में बदलाव किए गए हैं. इसलिए इसे सिर्फ घर खरीदने का आसान रास्ता समझना सही नहीं होगा.

अमीरों के लिए ग्रीस का नया मॉडल

ग्रीस की सरकार अब सिर्फ पर्यटकों पर निर्भर देश की छवि से आगे बढ़ना चाहती है. वह अमीर निवेशकों, हेज फंड और प्राइवेट इक्विटी कंपनियों को भी आकर्षित कर रही है. 2026 में ग्रीस ने कुछ योग्य फाइनेंशियल कंपनियों और उनके अधिकारियों के लिए टैक्स इंसेंटिव की घोषणा की है. इनमें बोनस और कैरीड इंटरेस्ट पर 5% टैक्स जैसी सुविधाएं शामिल हैं. इससे ग्रीस को उम्मीद है कि अमीर लोग सिर्फ यहां घर खरीदने नहीं, बल्कि ऑफिस खोलने, निवेश करने और कारोबार बढ़ाने भी आएंगे. रोकॉस का एथेंस में नया ऑफिस खोलने का फैसला इसी दिशा में देखा जा रहा है.

रोकॉस जैसे बड़े नामों का ग्रीस जाना यह जरूर दिखाता है कि अमीर लोगों के लिए टैक्स, मौसम और कारोबार तीनों का कॉम्बिनेशन अब पहले से ज्यादा मायने रखता है. यानी ग्रीस की कहानी सिर्फ टैक्स बचाने की नहीं है. यह उस बदलती दुनिया की कहानी है जहां अमीर लोग अब सिर्फ यह नहीं देखते कि पैसा कहां कमाया जा सकता है, बल्कि यह भी देखते हैं कि पैसा कहां रखकर जिंदगी बेहतर जी जा सकती है.