अडानी ग्रुप ने अपने एयरपोर्ट बिजनेस के विस्तार और मजबूती के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। ग्रुप की होल्डिंग कंपनी अडानी एंटरप्राइजेज ने अपने एयरपोर्ट बिजनेस में 5.54 फीसदी हिस्सेदारी दुनिया के दिग्गज निवेशकों को बेचने का फैसला किया है। इस डील के तहत अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स ने करीब 9,825 करोड़ रुपये जुटाने के लिए निवेशकों के साथ बाइंडिंग एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए हैं। इस बड़े निवेश समझौते से अडानी ग्रुप के एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को एक नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

इस निवेश समूह में सिंगापुर की सरकारी निवेश कंपनी टेमासेक की जोंगसोंग इन्वेस्टमेंट्स, अल्फा वेव III, प्रेमजी इन्वेस्ट का पीआई ऑर्चुनिटीज फंड और दुनिया की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी ब्लैकरॉक द्वारा मैनेज किए जाने वाले फंड शामिल हैं। ब्लैकरॉक के सीईओ लैरी फिंक हैं और यह कंपनी वैश्विक स्तर पर भारीभरकम एसेट्स को मैनेज करती है। इस डील में अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स की प्रीमनी इक्विटी वैल्यूएशन लगभग 18 बिलियन डॉलर आंकी गई है, जिसके तहत कंपनी निवेशकों को नए शेयर जारी करेगी। हालांकि, अडानी एंटरप्राइजेज इस बिजनेस की कंट्रोलिंग शेयरहोल्डर बनी रहेगी।

इस फंड जुटाने का मुख्य उद्देश्य कंपनी के एयरपोर्ट नेटवर्क को व्यापक बनाना और उसे आधुनिक रूप देना है। इसके अलावा, इस पूंजी का उपयोग एयरपोर्ट से जुड़े कमर्शियल इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने तथा ग्राउंड हैंडलिंग व पैसेंजर सर्विस जैसे संबंधित व्यवसायों को बढ़ाने के लिए किया जाएगा। वर्तमान में अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स देश के आठ प्रमुख एयरपोर्ट्स का प्रबंधन करती है, जिसमें मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी शामिल है। ये सभी एयरपोर्ट देश के कुल पैसेंजर ट्रैफिक का लगभग 25% और एयर कार्गो वॉल्यूम का 33% हिस्सा संभालते हैं, जो देश के आर्थिक और परिवहन ढांचे में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।

इस बड़े व्यावसायिक घटनाक्रम का असर शेयर बाजार पर भी देखने को मिला है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। बाजार में चल रही भारी उथलपुथल के बीच अडानी एंटरप्राइजेज के शेयरों में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई है। कंपनी का शेयर पिछले सत्र में बीएसई पर 2,959.80 रुपये पर बंद हुआ था और आज बढ़त के साथ खुला। कारोबार के दौरान यह शेयर उछाल के साथ 3,075 रुपये के स्तर तक पहुंच गया, जबकि इसका 52 हफ्ते का उच्चतम स्तर 3,245 रुपये है। इस बड़े सौदे से निवेशकों का भरोसा अडानी ग्रुप के बुनियादी ढांचे और भविष्य की विकास योजनाओं पर मजबूत हुआ है।