AI बहुत ही तेजी से तरक्की कर रहा है और पिछले कुछ समय में ये भी देखा गया कि इसी वजह से कुछ कंपनियों में कर्मचारियों की छंटनी भी की गई. ऐसे में हर क्षेत्र में ये कहा जा रहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ह्यूमन को रिप्लेस कर देगी. चिकित्सा के क्षेत्र में भी AI का इस्तेमाल किया जाने लगा है. यहां तक कि अब सर्जरी के लिए भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया जाने लगा है. ये आने वाले समय में किस तरह से इस फील्ड में काम करेगा और क्या ये डॉक्टर्स को भी रिप्लेस कर देगा. इन सारे सवालों के जवाब डॉक्टर श्रीकांत ने दिए हैं.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बहुत तेजी से हर क्षेत्र में चीजों को बदल रहा है. आज के समय में मेडिकल और AI का कनेक्शन कहां तक पहुंचा है. ये इस फील्ड में कितनी तेजी से ग्रो कर रहा है. आगे ने वाले कुछ सालों में ये कहां तक पहुंचेगा.

डॉक्टर के कोपायलट की तरह है AI

कैलाश हॉस्पिटल एंड न्यूरो इंस्टीट्यूट के न्यूरोसाइंसेस डायरेक्टर, डॉक्टर श्रीकांत कहते हैं कि हम AI को ये न समझें कि वो डॉक्टर है. बल्कि मुझे लगता है कि Ai डॉक्टर का एक असिस्टेंट है और ये एक कोपायलट की तरह है. मुझे लगता है आने वाले समय में हमारे जो भी डॉक्टर हैं देश में, अगर उनको इस तरह की सुविधा मिलेगी, सीखेंगे वो AI को तो हम अपने मरीजो का इलाज बहुत अच्छी तरह से कर पाएंगे.

बीमारी जल्दी पता चल जाएगी

डॉक्टर श्रीकांत कहते हैं कि AI के डेवलपमेंट से ये फायदा होगा कि बीमारी का जल्दी पता लगाने में हमें मदद मिलेगी. हमें पेशेंट के ट्रीटमेंट में मदद मिलेगी और मैनेजमेंट में मदद मिलेगी. इन सब चीजों के साथसाथ, किसी भी बीमारी या कंडीशन का क्या असर होगा, AI से इसका भी पहले से पता लगाया जा सकेगा. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इस तरह जितना हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को यूज करेंगे अपने डे टू डे लाइफ में तो मुझे लगता है कि पेशेंट की क्वालिटी में वो मदद करेगा.

AI कर रहा सर्जरी

डॉक्टर श्रीकांत कहते हैं, “मैं एक सर्जन भी हूं और अब सर्जरी में भी हम एआई का काफी यूज कर रहे हैं, जिससे पेशेंट का आउटकम बेहतर हुआ है.” इसके अलावा उन्होंने आगे कहा कि आप ब्रेन सर्जरी और बाकी सर्जरी में आसानी से मेडिकेट कर सकते हैं. जैसे किसी अंग को सावधानी के साथ बचाते हुए ट्यूमर को निकाला जा सकता है.

क्या डॉक्टर को रिप्लेस कर देगा AI?

उन्होंने आगे बात करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में नईनई चीजें आ रही हैं तो मुझे लगता है कि भविष्य में आगे जाकर जिस गति से एआई बढ़ रहा है. जिसकी दर तकरीबन 29 से 30 परसेंट है प्रति साल. ऐसी अपेक्षा की जाती है कि अगले आने वाले सालों में तकरीबन 2035 तक इसी गति से अगर इसी तरह से बढ़ेगी तो मैं ये नहीं कहूंगा कि Ai डॉक्टर्स को रिप्लेस कर देगा, बल्कि मैं ये कहूंगा कि ये उन डॉक्टरों को रिप्लेस कर देगा जिनको AI नहीं आता है.