युवाओं के प्रदर्शन पर मायावती का बयान सामने आया है. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा,” देश में ऐसे कई उदाहरण सामने आए हैं, जिनसे यह सवाल उठ रहा है कि सीजेपी का GenZ यानी देश के युवाओं और बेरोजगारों की समस्याओं को लेकर शुरू हुआ आंदोलन अब राजनीतिक रंग ले चुका है. आरोप है कि विभिन्न राजनीतिक दलों ने इस आंदोलन को अपने हित में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है. ऐसे में जंतरमंतर आंदोलन के दौरान युवाओं और छात्रों को जो बड़ेबड़े सपने दिखाए गए थे, उन्हें लेकर अब सवाल उठने लगे हैं. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। आंदोलन के स्वतंत्र रहने के बजाय उसके राजनीतिक होने की आशंका बढ़ गई है.”

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “किन्तु खासकर जेनजी व जेनअल्फा की जरूरी मांगों को लेकर बी.एस.पी. को पूरी सहानुभूति व इसके प्रति चिन्ता भी हमेशा रही है और आगे उनके सहयोग के लिये बी.एस.पी. के सभी स्टेट यूनिटों को निर्देशित किया जाता है कि वे अपनेअपने राज्य व क्षेत्र में सम्बंधित अधिकारियों से मिलकर उनकी समस्याओं के शान्तिपूर्ण तरीके से समाधान के लिये जरूर तत्पर रहें.”

1. देश में एक नहीं बल्कि अनेकों ऐसे उदाहरण हैं जिससे लोगों को यह लग रहा है कि सीजेपी का जेनजी अर्थात देश के युवाओं और बेरोज़गारों आदि की ज्वलन्त समस्याओं को लेकर इनका यह आन्दोलन विभिन्न राजनीतिक पार्टियों द्वारा हाईजैक कर लेने से युवाओं व छात्रों आदि को जंतर मंतर आन्दोलन

— Mayawati September 6, 2026

‘चुनाव की तैयारी के लिए बचाएं अपनी ऊर्जा’

मायावती ने कहा कि बीएसपी के अनुशासन के तहत पार्टी कार्यकर्ताओं को धरना, प्रदर्शन या आंदोलन करने के बजाय अपनी ऊर्जा और संसाधनों को चुनाव की तैयारी के लिए सुरक्षित रखना चाहिए. उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के सपनों को साकार करते हुए सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय की सरकार बनाना है. ऐसी सरकार बनने पर GenZ, GenAlpha समेत समाज के सभी वर्गों की समस्याओं का स्थायी समाधान किया जा सकेगा. मायावती ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में बीएसपी की चार सरकारों के दौरान पार्टी ने इसे करके भी दिखाया है.

मायावती ने कहा, “इसके साथ ही, जेनजी के जंतर मंतर आन्दोलन के दौरान पुलिस अगर समय से उचित कार्रवाई करती तो संजय आज़ाद जैसी गंभीर घटना नहीं होती, किन्तु अब इस प्रकरण के अभियुक्तों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई जरूर होनी चाहिये वरना फिर बी.एस.पी भी ऐसे मामलों में कोई पीछे नहीं रहेगी.