Saharanpur Mosque: कलेक्ट्रेट परिसर में हटाए जाने के अगले दिन मलबा हटाने के दौरान जमीन के नीचे एक ऐसा ढांचा मिला , जिसने मौके पर मौजूद लोगों का ध्यान खींच लिया। मलबे के नीचे एक भारीभरकम स्लैब दिखाई दिया। उसे हटाने के लिए पहले पोकलेन मशीन का इस्तेमाल किया गया, लेकिन स्लैब इतना मजबूत था कि मशीन भी उसे तोड़ नहीं सकी।

इसके बाद कटर की मदद से स्लैब को काटकर हटाया गया। स्लैब हटते ही नीचे करीब डेढ़ मीटर व्यास और लगभग 20 फीट गहरा कुआं दिखाई दिया। कुआं सामने आने के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी और इसे लेकर तरहतरह के सवाल उठने लगे।
मलबा हटाते समय दिखा भारी स्लैब
रविवार सुबह के मलबे को हटाने का काम चल रहा था। कर्मचारी और मशीनें मलबा साफ करने में जुटे थे। इसी दौरान जमीन के नीचे एक मजबूत स्लैब नजर आया। पहले उसे पोकलेन मशीन से हटाने की कोशिश की गई, लेकिन मशीन के प्रयास के बावजूद स्लैब नहीं टूटा। आखिरकार कटर की मदद से उसे काटा गया। इसके बाद उसके नीचे कुएं जैसी संरचना दिखाई दी।
करीब 20 फीट गहरा है कुआं
सहारनपुर सदर के SDM सुबोध कुमार के मुताबिक, प्रथम दृष्टया जमीन के नीचे मिला ढांचा कुआं ही दिखाई दे रहा है। इसकी गहराई करीब 20 फीट बताई जा रही है और इसका व्यास लगभग डेढ़ मीटर है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह कुआं कब बनाया गया था, इसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से होता था और यह संरचना कितनी पुरानी है।
कुएं को देखने पहुंचने लगे लोग
कलेक्ट्रेट परिसर में जमीन के नीचे कुआं मिलने की खबर फैलते ही लोगों में भी उत्सुकता बढ़ गई। आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचकर इसे देखने लगे। कुआं कितना पुराना है, इसे किसने बनवाया था और इसका इस्तेमाल किस काम के लिए किया जाता था—इन सवालों को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई। फिलहाल इन सवालों का कोई आधिकारिक जवाब सामने नहीं आया है।
कोर्ट के आदेश के बाद हटाई गई थी मस्जिद
कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को जिला प्रशासन ने न्यायालय के आदेश के बाद हटाने की कार्रवाई की थी। इसके अगले दिन मलबा हटाया जा रहा था, तभी जमीन के नीचे यह संरचना सामने आई। प्रशासन का कहना है कि फिलहाल इसे लेकर किसी तरह का अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
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अब ASI की जांच से खुलेगा राज
कुएं की उम्र और उसके संभावित ऐतिहासिक या पुरातात्विक महत्व का पता लगाने के लिए अब भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम जांच करेगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह कुआं कितना पुराना है और इसका कोई ऐतिहासिक महत्व है या नहीं। फिलहाल, मस्जिद के मलबे के नीचे भारी स्लैब और उसके नीचे मिले करीब 20 फीट गहरे कुएं ने सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में नई चर्चा छेड़ दी है। अब सभी की नजर ASI की जांच पर है, जिससे इस पुरानी संरचना से जुड़े सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है।
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