Raja Raghuvanshi Murder Case: इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी के हनीमून हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मेघालय हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। 

मेघालय हाई कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा दी गई जमानत को बरकरार रखते हुए राज्य सरकार की उस अपील को खारिज कर दिया है, जिसमें जमानत रद्द करने की मांग की गई थी। जस्टिस डब्ल्यू डिएंगडोह की सिंगल बेंच ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला सुनाया।

निचली अदालत ने क्यों दी थी जमानत?

शिलॉन्ग की अदालत ने मई 2025 में सोनम रघुवंशी को यह कहते हुए जमानत दी थी कि गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने कानूनी प्रोसेस का सही तरीके से पालन नहीं किया। 
अदालत के अनुसार, गिरफ्तारी से जुड़े दस्तावेजों में भारतीय न्याय संहिता बीएनएस की हत्या संबंधी धारा 103 के बजाय गलती से धारा 403 का उल्लेख किया गया था।
कोर्ट ने यह भभ् माना कि यही त्रुटि गिरफ्तारी मेमो, केस डायरी, अधिकार संबंधी दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड में लगातार दोहराई गई, इसलिए इसे सामान्य टाइपिंग की गलती नहीं माना जाता सकता। 

मेघालय सरकार ने क्या दी दलीलें

मेघालय सरकार की ओर से पेश एडवोकेट जनल अमित कुमार ने हाई कोर्ट में दलील दी कि दस्तावेजों में हुई गलती सिर्फ टाइपिंग संबंधी थी और इससे आरोपी को कोई वास्तविक नुकसान नहीं हुआ। उनका कहना था कि सोनम को शुरू से ही हत्या सहित सभी आरोपों की जानकारी थी। 

त्रुटि से आरोपी को वास्तविक नुकसान नहीं होता

गिरफ्तारी मेमो, रिमांड आदेश और अन्य न्यायिक दस्तावेजों पर उसके हस्ताक्षर भी मौजूद हैं। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के एक हालिया फैसले का हवाला देते हुए तर्क दिया कि यदि प्रक्रियात्मक त्रुटि से आरोपी को वास्तविक नुकसान साबित नहीं होता, तो सिर्फ उसी आधार पर जमानत नहीं दी जानी चाहिए।

सभी दस्तावेजों में एक जैसी गलती कैसे दोहराई

सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने यह सवाल भी उठाया कि एक जैसी गलती सभी दस्तावेजों में कैसे दोहराई गई। अदालत ने इस बात पर भी टिप्पणी की कि गिरफ्तारी से जुड़े दस्तावेज एक ही प्रारूप पर तैयार किए गए थे, जिससे पहली नजर में प्रक्रिया में गंभीर चूक दिखाई देती है।

मई 2025 में मनीमून मनाने गए थे मेघालय

राजा और सोनम रघुवंशी मई 2025 में शादी के बाद हनीमून मनाने मेघालय गए थे। 23 मई को दोनों लापता हो गए। कुछ दिनों बाद राजा का शव पूर्वी खासी हिल्स जिले की एक गहरी खाई मिली थी। जबकि सोनम बाद में उत्तर प्रदेश में मिली।

साजिश की तहत की गई थी राजा की हत्या

जांच के दौरान मेघालय पुलिस ने दावा किया कि राजा की हत्या पहले से रची गई साजिश के तहत की गई थी। पुलिस ने इस मामले में 700 से अधिक पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें सोनम रघुवंशी और उसके कथित प्रेमी राज कुशवाहा सहित अन्य आरोपियों को हत्या की साजिश का हिस्सा बताया गया है।