Mirzapur stone plant accident: उत्तर प्रदेश में मिर्जापुर जिले के अहरौरा थाना क्षेत्र के भगौतीदेई स्थित एसएस रंजन स्टोन प्लांट में शनिवार को भीषण हादसा हो गया. ब्लास्टिंग के दौरान हुए कंपन के चलते क्रेशर प्लांट का ऑफिस और उससे जुड़े अन्य निर्माण अचानक भरभराकर गिर गए. इस दौरान वहां काम कर रहे चार मजदूर मलबे में दब गए. हादसे के बाद प्लांट में चीखपुकार मच गई और अफरातफरी का माहौल बन गया.

हादसे की जानकारी मिलते ही प्लांट के संचालक और कर्मचारियों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया. जेसीबी की मदद से मलबा हटाकर चारों मजदूरों को बाहर निकाला गया. इसके बाद सभी को इलाज के लिए वाराणसी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने चारों को मृत घोषित कर दिया.

मृतकों की पहचान सोनभद्र जिले के जुगैल थाना क्षेत्र के बड़गांवा गांव निवासी लाल बहादुर, अशोक, राकेश और दुर्योधन के रूप में बताई गई है. चारों मजदूर रोज की तरह प्लांट में काम कर रहे थे. इसी दौरान ब्लास्टिंग हुई और कंपन के चलते प्लांट का एक हिस्सा अचानक ढह गया. देखते ही देखते चारों मजदूर मलबे के नीचे दब गए.

मौके पर पहुंचे एसडीएम समेत कई अधिकारी

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची. चुनार एसडीएम अनेग सिंह, तहसीलदार इवेंद्र कुमार, क्षेत्राधिकारी मो. फहीम और अहरौरा थाना प्रभारी अजय कुमार मिश्रा पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे. अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों से हादसे की जानकारी ली और प्लांट संचालक से भी पूरे घटनाक्रम को लेकर पूछताछ की.

प्रशासन को आशंका थी कि कहीं कोई अन्य मजदूर भी मलबे में न दबा हो. इसके बाद जेसीबी और पोकलैंड मशीनों की मदद से पूरे मलबे को हटाकर सर्च ऑपरेशन चलाया गया. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। राहत एवं बचाव अभियान के दौरान घटनास्थल पर सुरक्षा के इंतजाम भी किए गए.

दोषियों के खिलाफ की जाएगी कार्रवाई

चुनार एसडीएम अनेग सिंह के मुताबिक, हादसे में चार मजदूरों की दबकर मौत हुई है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ब्लास्टिंग के कंपन के कारण हादसा हुआ. फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है. प्रशासन यह भी पता लगाने में जुटा है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं.

अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसरा है, वहीं घटना ने क्रेशर प्लांटों में सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.