भारत और अफगानिस्तान के बीच 13 सितंबर से शुरू होने वाली तीन मैचों की T20I सीरीज से पहले टीम इंडिया की तेज गेंदबाजी को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। भारतीय टीम में जसप्रीत बुमराह को शामिल किया गया है, लेकिन उनका खेलना फिटनेस क्लीयरेंस पर निर्भर है। BCCI ने आधिकारिक तौर पर बुमराह समेत चार खिलाड़ियों को फिटनेस क्लीयरेंस के अधीन रखा है।

अगर बुमराह फिटनेस टेस्ट पास नहीं कर पाते हैं, तो चयनकर्ताओं को उनकी जगह किसी दूसरे तेज गेंदबाज को टीम में शामिल करना पड़ सकता है। इस स्थिति में युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव सबसे मजबूत दावेदारों में नजर आ रहे हैं। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। हालांकि उनके अलावा दो और गेंदबाज भी इस रेस में बने हुए हैं।

प्रिंस यादव को मिल सकता है सबसे बड़ा मौका

जसप्रीत बुमराह की जगह के लिए प्रिंस यादव का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। प्रिंस ने हाल ही में भारतीय टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन किया है और BCCI उन्हें भविष्य के तेज गेंदबाजी विकल्प के तौर पर देख रहा है। इससे पहले भी उन्हें भारतीय टीम में चोटिल खिलाड़ियों के रिप्लेसमेंट के तौर पर शामिल किया जा चुका है।

उनकी सबसे बड़ी ताकत गति के साथ लगातार अच्छी लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करना है। अगर बुमराह उपलब्ध नहीं होते हैं, तो प्रिंस के पास खुद को बड़े मंच पर साबित करने का शानदार मौका होगा।

मोहम्मद सिराज और मयंक यादव भी दावेदार

बुमराह की अनुपस्थिति में मोहम्मद सिराज भी एक अनुभवी विकल्प हो सकते हैं। सिराज के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का काफी अनुभव है और नई गेंद से उनकी स्विंग गेंदबाजी अफगानिस्तान के बल्लेबाजों के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है।

वहीं मयंक यादव भी इस रेस में शामिल बताए जा रहे हैं। अपनी तेज रफ्तार और आक्रामक गेंदबाजी के कारण मयंक ने पहले ही काफी सुर्खियां बटोरी हैं। हालिया प्रदर्शन और फिटनेस को देखते हुए चयनकर्ता उनके नाम पर भी विचार कर सकते हैं।

IND vs AFG सीरीज के लिए बुमराह पर अभी अंतिम फैसला बाकी

फिलहाल बुमराह का नाम अफगानिस्तान T20 सीरीज की 15 सदस्यीय टीम में है, लेकिन उनकी उपलब्धता फिटनेस टेस्ट के बाद ही तय होगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी फिटनेस पर नजर रखी जा रही है। ऐसे में अंतिम फैसला होने तक यह साफ नहीं कहा जा सकता कि वह सीरीज में खेलेंगे या नहीं।

अगर बुमराह बाहर होते हैं तो प्रिंस यादव, मोहम्मद सिराज और मयंक यादव में से किसी एक को उनकी जगह मिलने की संभावना बन सकती है। अब देखना होगा कि चयनकर्ता किस गेंदबाज पर भरोसा जताते हैं।