पूर्वी अफ्रीकी देश केन्या में टाटा ग्रुप की प्रमुख कंपनी ‘टाटा केमिकल्स’ के लिए एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है. केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो ने सार्वजनिक मंच से बयान देते हुए टाटा केमिकल्स को देश में अपना कामकाज और लेक मगाडी स्थित सोडा ऐश प्लांट का संचालन तुरंत बंद करने का सख्त निर्देश दिया है. राष्ट्रपति रूटो का आरोप है कि कजियाडो क्षेत्र में 100 वर्षों की लीज और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन के बावजूद कंपनी ने स्थानीय स्तर पर कोई बड़ी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट या ग्लास फैक्ट्री स्थापित नहीं की और केवल कच्चे माल का निर्यात करती रही. “क्या हम दूसरों के गुलाम हैं?” जैसे कड़े बयानों के साथ केन्या सरकार अब इस प्लांट को दो नई कंपनियों को सौंपने की तैयारी कर रही है, जिससे अफ्रीका के कमोडिटी और माइनिंग सेक्टर में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है.

केन्या टाटा केमिकल्स को क्यों निशाना बना रहा है?

यह घोषणा उस घटना के कुछ हफ्ते बाद हुई है जब टाटा केमिकल्स ने जुलाई के आखिर में कहा था कि केन्या सरकार ने उसकी केन्याई यूनिट को मगाडी सोडा फैक्ट्री में कामकाज रोकने और सोडा ऐश का निर्यात बंद करने का आदेश दिया है. रुटो ने काजियाडो में टाटा केमिकल्स की लंबे समय से मौजूदगी की आलोचना करते हुए कहा कि कंपनी पर्याप्त लोकल औद्योगिक क्षमता बनाने में नाकाम रही है. रुटो ने कहा था कि उस टाटा कंपनी… के पास 100 साल का कॉन्ट्रैक्ट था. उन्होंने काजियाडो में कुछ भी नहीं बनाया, उन्होंने काजियाडो में कोई फैक्ट्री नहीं बनाई. हमने कहा है कि हम एक नई कंपनी लाएंगे और… उन्हें यहां काजियाडो में एक बड़ी ग्लास कंपनी लगानी चाहिए. और एक और कंपनी जो यहां काजियाडो में केमिकल बनाए. क्या हम दूसरों के गुलाम हैं?

केन्या में टाटा केमिकल्स क्या करती है?

टाटा केमिकल्स केन्या में मगाडी सोडा का कारोबार चलाती है, जो सोडा ऐश बनाती है. सोडा ऐश एक औद्योगिक केमिकल है जिसका इस्तेमाल ग्लास और अन्य मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस में किया जाता है. मगाडी का कामकाज कंपनी और केन्या सरकार के बीच हालिया विवाद का केंद्र रहा है. इससे पहले खनन मंत्रालय ने कथित बकाया रॉयल्टी और विनियामक अनुपालन न करने का हवाला देकर मगाडी सोडा के निर्यात और परिचालन पर रोक लगाई थी. वहीं दूसरे ओर ग्रुप का मानना है कि टाटा केमिकल्स ने सभी सरकारी नियमों के पूर्ण अनुपालन किया है. हालांकि, इस फैसले से मगाडी प्लांट से होने वाले 3.5 लाख टन से अधिक वार्षिक सोडा ऐश के ग्लोबल एक्सपोर्ट और सैकड़ों नौकरियों पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं.

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