ग्लोबल राइडहेलिंग दिग्गज उबर ने कॉर्पोरेट जगत को बड़ा झटका देते हुए अपनी वर्कफोर्स में 10% की भारी कटौती का ऐलान किया है. कंपनी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर दारा खोसरोशाही ने कर्मचारियों को भेजे एक आंतरिक मेमो में इस कड़े फैसले की पुष्टि की. कंपनी का दावा है कि यह छंटनी किसी तात्कालिक वित्तीय संकट के कारण नहीं, बल्कि संगठन के ढांचे को सुव्यवस्थित करने, अनावश्यक कॉर्पोरेट परतों को खत्म करने और फैसला लेने की प्रक्रिया को तेज बनाने के उद्देश्य से की जा रही है. टेक सेक्टर में जारी ‘ऑपरेशनल एफिशिएंसी’ के इस दौर में उबेर के इस फैसले ने वैश्विक टेक वर्कफोर्स में नौकरियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंताएं बढ़ा दी हैं.

जॉब कट का ऐलान
कैब एग्रीगेटर कंपनी उबर टेक्नोलॉजीज अपने परिचालन को सुव्यवस्थित करने के लिए दुनियाभर में करीब 10 प्रतिशत कर्मचारियों की संख्या कम करेगी. इस फैसले से करीब 3,400 नौकरियां प्रभावित होने का अनुमान है. उबर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी दारा खोसरोशाही ने कर्मचारियों को भेजे संदेश में करीब 10 प्रतिशत कर्मचारियों की छंटनी किए जाने की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि कंपनी प्रबंधन के स्तर घटाने, टीमों को सरल ढांचे में संगठित करने और कार्यालयों को चुनिंदा शहरों में केंद्रित करने की दिशा में काम कर रही है.
70 देशों में काम करती है कंपनी
उबर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा कि भारत में भी कुछ कर्मचारियों की भूमिकाएं प्रभावित होंगी, लेकिन भारत कंपनी के लिए महत्वपूर्ण बाजार बना रहेगा. कंपनी एशियाप्रशांत क्षेत्र में अपने कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए भारत में क्षेत्रीय परिचालन मजबूत कर रही है. कंपनी की 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त वित्त वर्ष की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, उबर और उसकी अनुषंगी कंपनियों में करीब 34,000 कर्मचारी थे. कंपनी 70 से अधिक देशों और 15,000 से अधिक शहरों में परिचालन करती है.
ऐसे कम की कर्मचारियों की संख्या
उबर ने प्रबंधन के स्तर और समन्वय से जुड़ी भूमिकाओं में कटौती की है. सीईओ से सात या अधिक स्तर नीचे काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या 20 प्रतिशत और एकदो कर्मचारियों वाली छोटी टीमों की संख्या करीब 50 प्रतिशत घटाई गई है. इसके अलावा कंपनी अधिकांश दूरस्थ कर्मचारियों को कार्यालय से काम करने के लिए कह रही है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। मौजूदा हाइब्रिड नीति के तहत सप्ताह में तीन दिन कार्यालय से काम करना होगा.



