HAL Share Dividend: भारत की दिग्गज सरकारी डिफेंस कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने अपने निवेशकों के बीच मुनाफा बांटने का फैसला किया है.सोमवार को कंपनी के बोर्ड ने वित्तीय वर्ष 202526 के लिए प्रति शेयर 10 रुपये का फाइनल डिविडेंड देने की सिफारिश की है. इससे पहले फरवरी के महीने में भी इसी कंपनी ने 35 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया था. अब डिविडेंड के इस प्रस्ताव को कंपनी की आगामी सालाना आम बैठक में रखा जाएगा, जहां से अंतिम मंजूरी मिलते ही निवेशकों के बैंक खातों में पैसे भेजने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी.

खाते में कब आएगा डिविडेंड का पैसा

अगर आप इस डिविडेंड का फायदा उठाना चाहते हैं, तो एक जरूरी तारीख आपको याद रखनी होगी. एजीएम में शेयरधारकों की मुहर लगने के बाद, इस लाभांश के भुगतान के लिए कंपनी ने रिकॉर्ड डेट 14 अगस्त, 2026 तय की है. इसका मतलब यह है कि अगर इस तय तारीख तक आपके डीमैट अकाउंट में HAL के शेयर मौजूद रहते हैं, तो आप इस डिविडेंड को पाने के पूरी तरह से हकदार होंगे. कंपनी ने साफ तौर पर बताया है कि एजीएम में प्रस्ताव पास होने के ठीक 30 दिनों के भीतर सभी योग्य निवेशकों के बैंक खातों में लाभांश की यह रकम ट्रांसफर कर दी जाएगी.

मुनाफे का शानदार रिकॉर्ड

HAL अपने निवेशकों को निराश नहीं करती और समयसमय पर उन्हें अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा बांटती आई है. अगर पिछले कुछ सालों के वित्तीय रिकॉर्ड पर नजर डालें, तो कंपनी का प्रदर्शन इस मोर्चे पर बेहतरीन रहा है. वित्तीय वर्ष 202425 में कंपनी ने अपने निवेशकों को कुल 40 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड दिया था, जिस पर कंपनी ने करीब 1,671.94 करोड़ रुपये खर्च किए थे.

वहीं, साल 202324 में 35 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से 1,471.31 करोड़ रुपये निवेशकों में बांटे गए थे. 202223 में तो कंपनी ने रिकॉर्ड 55 रुपये प्रति शेयर का लाभांश दिया था. इससे थोड़ा और पीछे जाएं तो 202122 में 50 रुपये, 202021 में 30 रुपये तथा 201920 में 33 रुपये का डिविडेंड निवेशकों को मिल चुका है.

90 हजार करोड़ के ऑर्डर

कंपनी का बिजनेस मॉडल भी लगातार रफ्तार पकड़ रहा है. बाजार के जानेमाने ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, अगले दो सालों के भीतर HAL के पास 90,000 करोड़ रुपये की विशाल ऑर्डर पाइपलाइन है. इस भारीभरकम ऑर्डर में 143 एएलएच हेलीकॉप्टर, सुखोई लड़ाकू विमानों का अपग्रेडेशन तथा डोर्नियर विमानों का आधुनिकीकरण जैसे बड़े रक्षा प्रोजेक्ट शामिल हैं.

वहीं, एचडीएफसी इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज का मानना है कि उत्पादन की लागत बढ़ने से भले ही इस साल कंपनी का एबिटडा मार्जिन थोड़ा गिरकर 29.5 प्रतिशत पर आ गया हो, लेकिन कंपनी का भविष्य काफी मजबूत दिख रहा है. उम्मीद जताई जा रही है कि तेजस और एएलएच की डिलीवरी के दम पर वित्तीय वर्ष 2026 से 2028 के बीच कंपनी का राजस्व 10 प्रतिशत की सीएजीआर दर से बढ़ेगा.

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.