भगवान श्री कृष्ण की लीलाओं में हमेशा ही माखन का जिक्र होता है. कहा जाता है कि उन्हें माखन इतना पसंद था कि वो बचपन में मटकियों से इसे चुराकर खा लिया करते थे. यही वजह है कि उनका सबसे प्रिय भोग माखनमिश्री का ही माना जाता है. आप जन्माष्टमी के मौके पर अपने हाथों से कान्हा जी के लिए भोग तैयार करें, जिसे बनाने का तरीका पुंडरीक महाराज की पत्नी रेणुका गोस्वामी ने शेयर किया है.वो वैदिक ज्ञान, नैतिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए सेवारत रहती हैं.

कान्हा जी के भोग के लिए आपको ऑनलाइन माखन बनाने के कई इंस्टेंट तरीके मिल जाएंगे, लेकिन इसे सही तरह से ही बनाकर भोग लगाना चाहिए. कुछ लोग बाजार से माखन खरीदते हैं, लेकिन इसमें भी शुद्धता की गारंटी नहीं होती है. ऐसे में होममेड माखन बनाएं. चलिए जान लेते हैं भोग बनाने का तरीका.
आपको क्याक्या चाहिए इनग्रेडिएंट?
माखन बनाने के लिए आपको चाहिए गाय के दूध की शुद्ध मलाई. इसी से उन्होंने माखन बनाने का तरीका बताया है. हालांकि गाय के दूध से बने दही से भी माखन बनाया जा सकता है. इसके अलावा आपको चाहिए मिश्री और केसर. आप चाहे तो सादा धागे वाली मिश्री ले सकते हैं या फिर केसर वाली रेडीमेड मिलने वाली मिश्री ले लें, लेकिन शुद्धता का खास ख्याल रखें.
कैसे बनाएं माखनमिश्री का भोग?
सबसे पहले एक बर्तन में गाय की शुद्ध मलाई लेकर इसे रई या फिर चम्मच से अच्छी तरह से फेंट लें, जब तक कि ये बिल्कुल चिकनी न दिखाई देने लगे. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। अब इसमें आप बिल्कुल ठंडा जल डालें. इससे माखन अलग हो जाएगा. इसको हाथों से निकालकर मिट्टी की साफ मटकी में भरें और इसी के साथ इसमें मिश्री डालें. ऊपर से केसर के धागे भी एड करें. इस तरह से आपके कान्हा का प्रिय भोग बनकर तैयार हो जाएगा.
भोग में ये चीजें भी होती हैं अर्पित
कृष्ण जी को धनिया की पंजीरी भी चढ़ाई जाती है. इसी के साथ मेवा पाक या मेवा की कतली अर्पित करते हैं और कई जगहों पर कसार बनाने की भी परंपरा है. वहीं पंचामृत भी कृष्ण जी के भोग में सबसे जरूरी चीजों में से एक है.
पंचामृत बनाने का तरीका भी जान लें
कई बार दूधदही और मेवा के साथ पंचामृत बना लेते हैं, लेकिन ये इसे बनाने का सही तरीका नहीं है. इसमें गाय का कच्चा दूध, गाय के दूध का दही, देसी घी, शहद और मिश्री मिलाई जाती है. इसके अलावा आप बाकी की चीजें एड कर सकते हैं. वहीं पंचामृत अगर कान्हा जी को अर्पित किया जाए तो तुलसी के पत्ते जरूर डालने चाहिए.



