आजकल हर कोई चाहता है कि उसकी गाढ़ी कमाई तेजी से बढ़े. मार्केट में निवेश के कई तरीके मौजूद हैं. इक्विटी से लेकर डेट फंड तक तमाम विकल्प आपके सामने हैं. आप अपनी रिस्क लेने की क्षमता के हिसाब से इनमें पैसा लगा सकते हैं. लेकिन सारा पैसा निवेश कर देना समझदारी नहीं है. निवेश का असली फायदा तभी मिलता है जब आप एक सही योजना के तहत आगे बढ़ें. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि निवेश के कुछ खास नियम हैं जिन्हें अपनाकर आप न सिर्फ अच्छा रिटर्न पा सकते हैं बल्कि भविष्य को भी सुरक्षित कर सकते हैं. आइए जानते हैं निवेश के वे 7 गोल्डन रूल कौन से हैं.

निवेश के 7 अचूक नियम

  1. रूल ऑफ 72 : अगर आप जानना चाहते हैं कि आपका निवेश कितने समय में डबल होगा, तो इसके लिए ये नियम बनाया गया है. इसमें 72 को अनुमानित रिटर्न से भाग देना होता है. मान लीजिए आपको 12 फीसदी का सालाना रिटर्न मिल रहा है, तो 72/12 यानी आपका पैसा करीब 6 साल में डबल हो जाएगा. इससे ये भी पता चल जाएगा कि तय समय में पैसा डबल करने के लिए कितना रिटर्न चाहिए.
  2. रूल ऑफ 114 : इस नियम से आप जान सकते हैं कि निवेश तीन गुना कब होगा. उदाहरण के लिए सालाना 12 फीसदी की रिटर्न देने वाले एसेट में पैसे लगाने पर 114/12 यानी करीब साढ़े नौ साल में आपका पैसा तीन गुना हो जाएगा.
  3. रूल ऑफ 144 : ये रूल ऑफ 72 जैसा ही है, लेकिन इससे ये समझने में मदद मिलती है कि कितने समय में पैसा चार गुना होगा. 12 फीसदी रिटर्न मिलने पर 144/12 यानी ठीक 12 साल में आपका पैसा चार गुना हो जाएगा.
  4. 503020 रूल: पैसे को सही तरीके से खर्च करने के लिए ये नियम काफी लोकप्रिय है. इसके मुताबिक आपको अपनी कुल कमाई का 50 फीसदी हिस्सा अपनी जरूरतों पर खर्च करना चाहिए. इसके बाद 30 फीसदी हिस्सा अपने शौक पूरे करने के लिए रखें. बाकी बचा 20 फीसदी हिस्सा हर हाल में सेविंग यानी बचत में जाना चाहिए.
  5. मिनिमम 10% इन्वेस्टमेंट रूल: इस रूल के तहत अपनी कमाई का कम से कम 10 फीसदी हिस्सा लंबे समय के लिए निवेश करना चाहिए. इसे हर साल 10 फीसदी की रफ्तार से बढ़ाना भी चाहिए.
  6. 100 माइनस एज रूल : निवेश करते समय उम्र का ध्यान रखना बहुत जरूरी है. इस नियम से तय होता है कि आपको कितना पैसा इक्विटी में लगाना है. इसमें निवेशक की उम्र को 100 में से घटाया जाता है. जो संख्या बचती है, उतने फीसदी रकम इक्विटी में निवेश करनी चाहिए. मान लीजिए आपकी उम्र 30 साल है, तो 100 में से 30 घटाने पर 70 आता है. यानी आपको अपनी रकम का 70 फीसदी इक्विटी में लगाना चाहिए. बाकी 30 फीसदी पैसा डेट फंड में निवेश करना सुरक्षित रहता है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है क्योंकि बढ़ती उम्र के साथ इंसान की रिस्क लेने की क्षमता कम हो जाती है.
  7. इमरजेंसी फंड रूल : निवेश का एक नियम ये भी है कि कुछ फंड ऐसा होना चाहिए, जो आपात स्थिति में सहारा दे सके. वैसे तो इमरजेंसी फंड कितना होना चाहिए, इसका कोई फिक्स नियम नहीं है. लेकिन इतना जरूर होना चाहिए कि ये कम से कम छह महीने के खर्चों को कवर कर सके.