भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को कारोबारी सत्र के दौरान एक स्मॉलकैप इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के शेयर में जबरदस्त तेजी देखने को मिली. हैदराबाद स्थित ऑयल और गैस पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी, लिखिता इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के शेयरों में खरीदारों की भारी दिलचस्पी के चलते 5 फीसदी का अपर सर्किट लग गया. इस तेजी की मुख्य वजह कंपनी को अबू धाबी से मिला करीब 510 करोड़ रुपये का एक बड़ा इंटरनेशनल ऑर्डर है. यह शेयर अपने एक साल के निचले स्तर से करीब 105 फीसदी की शानदार रिकवरी दर्ज कर चुका है.

अबू धाबी से मिला बड़ा प्रोजेक्ट, 21 महीने में होगा पूरा
कंपनी ने घरेलू शेयर बाजारों को दी आधिकारिक जानकारी में बताया कि उसे चाइना पेट्रोलियम इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन अबू धाबी की तरफ से यह बड़ा ठेका हासिल हुआ है. यह इंटरनेशनल वर्क ऑर्डर ‘पाइपलाइन पैकेज1 ’ के निर्माण कार्य से जुड़ा हुआ है.
प्रोजेक्ट की शर्तों के मुताबिक, लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस की प्रभावी तारीख से अगले 21 महीनों के भीतर इस काम को पूरा करना होगा. कड़े कॉर्पोरेट गवर्नेंस नियमों के तहत कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस अंतरराष्ट्रीय सौदे में किसी भी तरह का संबंधित पक्ष लेनदेन शामिल नहीं है. इसके साथ ही, कंपनी के प्रमोटर समूह का ऑर्डर देने वाली विदेशी फर्म में कोई व्यावसायिक हित या हिस्सेदारी नहीं है.
मजबूत होगी ऑर्डर बुक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में एंट्री का फायदा
यह नया ऑर्डर केवल रकम के लिहाज से ही बड़ा नहीं है, बल्कि रणनीतिक रूप से भी लिखिता इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है. इसके जरिए कंपनी की अबू धाबी के बेहद प्रतिष्ठित और बड़े एनर्जी मार्केट में सीधी एंट्री हो रही है, जिससे भविष्य में अन्य वैश्विक टेंडर हासिल करने में मदद मिलेगी.
अगर कंपनी की मौजूदा वित्तीय स्थिति को देखें, तो मार्च 2026 तक इसकी कुल ऑर्डर बुक 850 करोड़ रुपये से अधिक के स्तर पर थी. अब इस नए विदेशी प्रोजेक्ट के जुड़ने से कंपनी की ऑर्डर बुक को बड़ा बूस्ट मिलेगा, जिससे आने वाली तिमाहियों में रेवेन्यू विजिबिलिटी काफी मजबूत हो जाएगी.
कैसा है कंपनी का बिजनेस मॉडल, शेयरों का प्रदर्शन
साल 1998 में स्थापित हुई लिखिता इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड मुख्य रूप से चार प्रमुख सेक्टर्स में अपनी सेवाएं देती है.
- सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन
- क्रॉस कंट्री पाइपलाइन
- ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस
- टैंकेज निर्माण
कंपनी के शेयर साल 2020 में भारतीय शेयर बाजार में लिस्ट हुए थे. सोमवार को आई इस सकारात्मक खबर के बाद कंपनी का शेयर 5 फीसदी की बढ़त के साथ ₹270.48 के अपर सर्किट पर बंद हुआ. मौजूदा समय में कंपनी का कुल मार्केट कैप लगभग ₹1,063 करोड़ रुपये है और यह करीब 27 के पीई मल्टीपल पर कारोबार कर रही है. रिटर्न के लिहाज से देखें तो पिछले एक हफ्ते में स्टॉक में 11 फीसदी और बीते तीन महीनों में 56 फीसदी से ज्यादा का उछाल आया है, हालांकि पिछले एक साल की अवधि में यह शेयर अब भी अपने ऊपरी स्तरों से करीब 6 फीसदी नीचे ट्रेड कर रहा है.
वित्त वर्ष 2026 के वित्तीय नतीजे
भले ही नए ऑर्डर से कंपनी के भविष्य को लेकर बाजार में उत्साह है, लेकिन बीते वित्त वर्ष के दौरान कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में पिछले साल के मुकाबले कुछ नरमी देखने को मिली थी.
| वित्तीय संकेतक | वित्त वर्ष 2025 | वित्त वर्ष 2026 |
| कुल रेवेन्यू | ₹520 करोड़ | ₹457 करोड़ |
| एबिटडा | ₹96 करोड़ | ₹57 करोड़ |
| एबिटडा मार्जिन | 18% | 12% |
| नेट प्रॉफिट | ₹69 करोड़ | ₹39 करोड़ |
| पैट मार्जिन | 17.57% | 9.94% |
Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.



