बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बगहा क्षेत्र में कानून और व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है, जहां जमीन के विवाद और जबरन कब्जा करने के प्रयास के दौरान मानवता को शर्मसार करने वाली तस्वीर देखने को मिली। कठसीकरी गांव में जमीन और घर पर कब्जा जमाने की नीयत से एक महिला के साथ अत्यधिक बेरहमी से मारपीट की गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हुआ। इस घटना की सूचना मिलने पर जब डायल 112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले को शांत कराने का प्रयास किया, तो स्थिति कुछ समय के लिए संभल गई, लेकिन थोड़ी देर बाद विवाद ने फिर से उग्र रूप ले लिया।

विवाद बढ़ने की सूचना पर रामनगर थाने की पुलिस टीम दोबारा मौके पर पहुंची और घायलों को चिकित्सीय उपचार के लिए अस्पताल ले जाने की प्रक्रिया शुरू की। इसी दौरान जमीन कब्जाने वाले उपद्रवियों और ग्रामीणों की भीड़ ने पुलिस बल पर ही अचानक हमला बोल दिया। उग्र भीड़ ने पुलिस की गाड़ियों में जमकर तोड़फोड़ की और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया। इस हिंसक झड़प के दौरान पुलिस जिप्सी की खिड़कियों में लाठीडंडे घुसाकर हमला किया गया, जिससे उपद्रवियों के हौसले साफ नजर आए। इस हमले में एसआई इम्तेयाज खान सहित कई अन्य पुलिसकर्मियों को आंशिक रूप से चोटें आईं और वे घायल हो गए।

घटना की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन तुरंत हरकत में आया और बगहा एसपी राजेश कुमार के नेतृत्व में तीन थानों की भारी पुलिस फोर्स को तुरंत मौके पर भेजा गया। पुलिस बल ने स्थिति पर नियंत्रण पाते हुए मौके से तीन लोगों को हिरासत में ले लिया है और पूरे इलाके में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। हालांकि, बगहा एसपी ने प्रारंभिक तौर पर इस तरह की किसी बड़ी घटना से इनकार किया है, लेकिन वायरल वीडियो और पुलिसकर्मियों के घायल होने के पुख्ता प्रमाण सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन अब हर पहलू की गहराई से जांच कर रहा है।

प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि कठसीकरी गांव निवासी पप्पू अंसारी ने प्रेम विवाह के बाद जबरन घर में घुसने और कब्जा करने को लेकर पुलिस को लिखित आवेदन दिया था, जिसकी जांच करने के लिए ही पुलिस टीम वहां गई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर हमलावर ग्रामीणों की पहचान की जा रही है तथा घटना में उनकी भूमिका की पुष्टि के बाद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर से ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन विवादों की हिंसक प्रवृत्ति और कानून के रखवालों पर हमलों की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है, जिससे स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

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