
New Delhi : राजधानी दिल्ली में एक बार फिर महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रेटर नोएडा से दिल्ली के कश्मीरी गेट के बीच चलने वाली एक स्लीपर बस के अंदर 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म की दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने वाले बस के ड्राइवर और कंडक्टर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, पीड़ित छात्रा उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की रहने वाली है और वह 11वीं कक्षा में पढ़ाई करती है। घर पर मां की डांट से नाराज होकर वह 3 अगस्त को बिना बताए घर से निकल गई थी और नोएडा सेक्टर-63 में रहने वाले अपने चचेरे भाई के घर जाने के लिए निकली थी।
ग्रेटर नोएडा से दिल्ली के बीच हुआ घिनौना कृत्य नोएडा पहुंचने के बाद छात्रा ग्रेटर नोएडा से दिल्ली जाने वाली एक स्लीपर बस में सवार हो गई। आरोप है कि इसी दौरान बस के अंदर चालक और कंडक्टर ने नाबलिग को अपनी हवस का शिकार बनाया और चलती बस में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। घटना की जानकारी मिलते ही कश्मीरी गेट थाना पुलिस तुरंत हरकत में आ गई और तत्परता दिखाते हुए दोनों आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस ने दरिंदगी में इस्तेमाल की गई स्लीपर बस को भी अपने कब्जे में ले लिया है और मामले की गहराई से कानूनी जांच की जा रही है।
एक बार फिर ताजा हुई निर्भया कांड की यादें इस सनसनीखेज घटना ने एक बार फिर साल 2012 के कुख्यात निर्भया कांड की यादों को ताजा कर दिया है। 16 दिसंबर 2012 को दिल्ली के वसंत विहार इलाके में एक चलती बस के अंदर निर्भया के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था और उसे गंभीर हालत में सड़क पर फेंक दिया गया था। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। देश को झकझोर देने वाले उस ऐतिहासिक मामले में लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 20 मार्च 2020 की सुबह चारों दोषियों अक्षय ठाकुर, मुकेश सिंह, विनय शर्मा और पवन गुप्ता को तिहाड़ जेल में फांसी के फंदे पर लटकाया गया था। राजधानी में एक बार फिर वैसी ही चलती बस वाली घटना सामने आने के बाद शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल उठ रहे हैं।



