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“अगर कोई सिपाही कहे कि उसे मौत से डर नहीं लगता, तो या तो वो झूठ बोल रहा है या फिर वो गोरखा है…” फिल्म ‘सैम बहादुर’ के इस डायलॉग को नेपाल में आई भयानक बाढ़ के बीच गोरखा जवानों ने सच कर दिखाया है. भोटेकोशी नदी के उफान और तबाही के बीच जब सब डरे हुए थे, तब इन जवानों ने मोर्चा संभाला. वे अपनी जान दांव पर लगाकर लोगों को बचाने में जुटे हैं.

बाढ़ की सबसे डरावनी तस्वीर रसुवा से सामने आई है. यहां एक हाइड्रो प्रोजेक्ट की अंधेरी सुरंग में 100 मजदूर फंस गए थे. चारों तरफ सिर्फ कीचड़ और मलबा था. ऐसे में सांस लेना भी मुश्किल था, लेकिन जवान पेट और घुटनों के बल रेंगते हुए अंदर गए. वे कीचड़ में धंसे लोगों को अपने कंधों पर उठाकर बाहर लाए. गोरखा जवानों ने एक बार फिर दिखा दिया कि वे मुश्किल से मुश्किल हालात में भी पीछे नहीं हटते. नेपाल के पीएम ऑफिस ने इसका एक वीडियो जारी किया है.

कैसे देवदूत बने जवान?

सोशल मीडिया पर सेना के रेस्क्यू के दिल छू लेने वाले वीडियो और तस्वीरें सामने आ रही हैं, जिन्हें देखकर किसी की भी आंखें नम हो जाएं. एक वीडियो में दिखा कि चारों तरफ सिर्फ खौफनाक सैलाब था और बीच में एक मकान डूबने की कगार पर था. छत पर खड़े बेबस लोग हाथ जोड़कर बस जिंदगी की भीख मांग रहे थे. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। ठीक उसी पल सेना का हेलिकॉप्टर आसमान में उम्मीद बनकर आया. जवान जान हथेली पर रखकर रस्सी के सहारे उस कांपती छत पर उतरे और एक-एक करके सबको सुरक्षित बाहर खींच लाए. नेपाली आर्मी ने ऐसे कई जांबाजी भरे वीडियो शेयर करते हुए लिखा  ‘जहां संकट है, वहां #नेपालीआर्मी है.’

तीन दिन मची है तबाही, अब तक 500 प्लस लोगों की मौत

नेपाल त्रासदी ने हर किसी को हैरान और दुखी कर दिया है. 26 अगस्त को अचानक आई बाढ़ में अब तक 500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लापता बताए जा रहे हैं. नेपाल-चीन सीमा और नदी किनारे कई जगहों पर आवाजाही रोक दी गई है. रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, चितवन और नवलपरासी में रेस्क्यू टीमें अलर्ट पर हैं.

त्रिशूली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की टनल से निकाले गए 350 मजदूर

नेपाल में भोटेकोशी नदी के उफान और भीषण बाढ़ के बीच नेपाली सेना ने एक बड़ा और सफल बचाव अभियान पूरा किया. सेना के जवानों ने त्रिशूली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की टनल में फंसे 350 मजदूरों और स्थानीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है, जिनमें 63 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं.

इन जगहों से बचाई गईं सैकड़ों जिंदगियां

नेपाल के बाढ़ प्रभावित रसुवा में रेस्क्यू अभियान में सेना के जवान लगातार जुटे हुए हैं. रेस्क्यू टीम ने बेहद दुर्गम और जोखिम भरे हालात के बीच 533 जिंदगियों को सुरक्षित बाहर निकाला. सेना की टीम ने स्याफ्रुबेसी, टिमुरे, मैलुंग, थुलो हाकु और हाकुबेसी जैसे बाढ़ से पूरी तरह कट चुके इलाकों में मोर्चा संभालकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है. मलबे, तेज बहाव और धंसते पहाड़ों के बीच फंसे ग्रामीणों और पर्यटकों के लिए सेना के ये जवान ढाल बनकर खड़े रहे.

नेपाल को 60 टन राहत सामग्री भेज चुका है भारत

नेपाल में मची तबाही के बीच भारत लगातार मदद कर रहा है. विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार शाम को बताया कि राहत सामग्री की एक और बड़ी खेप लेकर भारतीय वायुसेना का तीसरा विशेष विमान आज शाम नेपाल पहुंच जाएगा. तीन विमानों के जरिए भारत अब तक 60 टन से अधिक राहत सामग्री नेपाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचा चुका है. विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि इस भीषण आपदा की घड़ी में भारत अपने पड़ोसी देश नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा है.