उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और कौशांबी के बॉर्डर से अंजाम दिए गए मोनू हत्याकांड को लेकर प्रयागराज की पूरामुफ्ती पुलिस ने बड़ा खुलासा किया. दरअसल, कौशांबी के महिलाग्राम घाट इलाके से कुछ बदमाशों ने एसयूवी गाड़ी में मोनू का अपहरण कर लिया था और उसकी बेरहमी से हत्या करने के बाद शव को यमुना नदी में फेंक दिया था. इस खौफनाक वारदात के पीछे की वजह जानकर आपके पैरों तले जमीन खिसक जाएगी, क्योंकि इस कत्ल के पीछे कोई और नहीं बल्कि मोनू के बड़े भाई के ससुर का हाथ था. पुलिस ने हत्या के आरोपी ससुर समेत 3 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसके बाद पता चला कि आरोपी ससुर अपनी बेटी की संदिग्ध हालातों में हुई मौत के सदमे से उभरा नहीं था. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। वो बदले की आगद में जल रहा था और इसी साजिश के तहत उसने पूरी वारदात को अंदाम दिया. हालांकि सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है, लेकिन पुलिस अब भी यमुना नदी में गोताखोरों की मदद से मोनू के शव को तलाशने में जुटी है. जानिए आखिर क्या है पूरा मामला?

दामाद के भाई को एसयूवी से उठाया

इस सनसनीखेज मामले की शुरुआत कुछ महीने पहले हुई थी जब मोनू के भाई की शादी संदीपन घाट इलाके की एक युवती से हुई थी. कुछ समय बाद ही संदिग्ध परिस्थितियों में उस महिला की रहस्यमयी मौत हो गई, जिसके बाद मृतका के परिवार की शिकायत पर पुलिस ने दहेज हत्या का केस दर्ज कर लिया. इस मामले में पुलिस ने मोनू, उसके भाई और उनकी मां को आरोपी बनाया था, जिसके बाद मोनू के भाई और मां को जेल भेज दिया गया था. लेकिन मृतका के पिता नेम सिंह का गुस्सा इतने पर शांत नहीं हुआ. उसने अपनी बेटी की मौत का खौफनाक बदला लेने के लिए अपने दामाद के भाई यानी मोनू को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रच डाली और 19 अगस्त को एसयूवी सवार बदमाशों के जरिए मोनू का अपहरण करवा दिया.

यमुना नदी में फेंका शव, पुलिस ने तीन आरोपियों को दबोचा

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, 19 अगस्त को जब मोनू अचानक गायब हुआ तो उसके परिवार वालों ने पूरामुफ्ती थाने पहुंचकर अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया. पुलिस लगातार मामले की छानबीन कर रही थी, लेकिन मंगलवार को जब मृतक के परिजनों ने थाने पर जमकर हंगामा काटा और सड़क पर बवाल किया, तब पुलिस हरकत में आई. पुलिस ने जब शक के आधार पर मुख्य आरोपी नेम सिंह और उसके भतीजे पुनीत को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया. पूछताछ में खुलासा हुआ कि अपहरण के बाद उन्होंने मोनू की हत्या कर दी और कौशांबी के महिलाग्राम घाट के पास बने पुल से उसका शव यमुना नदी में फेंक दिया. इस मामले में पुलिस ने कुल तीन लोगों को गिरफ्तार किया है और यमुना नदी में शव की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है.

मास्टरमाइंड ससुर की साजिश: पुलिस ढूंढ रही कत्ल का हर एक सबूत

इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड मृतका का पिता नेम सिंह निकला, जिसने अपने ही दामाद के परिवार से खून का बदला खून से लेने की ठान ली थी. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नेम सिंह ने बहुत ही प्लानिंग के साथ अपने भतीजे पुनीत और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर इस किडनैपिंग और मर्डर को अंजाम दिया. पुलिस अब इस बात की भी गहराई से जांच कर रही है कि इस अपहरण और हत्या में एसयूवी गाड़ी का इस्तेमाल किसने किया और इसमें कौन-कौन से अन्य लोग शामिल थे. भले ही आरोपियों ने गुनाह कबूल कर लिया हो, लेकिन यमुना के गहरे पानी से मोनू के शव को बरामद करना पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है.