उत्तर प्रदेश की सियासत में सोमवार का दिन बेहद अहम है. 2027 के विधानसभा चुनाव भले ही अभी दूर हों, लेकिन राजधानी लखनऊ में आज BJP, समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी तीनों ही अपनेअपने संगठन और चुनावी तैयारियों को धार देने में जुटे हैं. एक तरफ सत्ता पक्ष सरकार की उपलब्धियों और संगठन की ताकत के साथ मैदान तैयार कर रहा है, तो दूसरी तरफ विपक्षी दल भी बूथ से लेकर वोटर लिस्ट और संभावित प्रत्याशियों तक अपनी रणनीति को मजबूत करने में जुटे हैं.

यानी यूपी की सियासत में कल बैठकों का सोमवार है. तीनों दलों के चुनावी एजेंडे अलगअलग हैं, लेकिन मंजिल एक 2027 का विधानसभा चुनाव. सूबे की सत्ता पर काबिज होने के लिए सभी राजनीतिक दल एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं. वोटरों का साधने के लिए रणनीति बनाई जा रही है.
BJP की सेवा संकल्प कार्यशाला
सबसे पहले बात भारतीय जनता पार्टी की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 साल पूरे होने के मौके पर BJP 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान चलाने जा रही है. इसी अभियान की रणनीति तैयार करने के लिए लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान स्थित मार्श प्रेक्षागृह में प्रदेश स्तरीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है. इस कार्यशाला में राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे.
इसके अलावा प्रदेश पदाधिकारियों, छह क्षेत्रीय अध्यक्षों, क्षेत्रीय प्रभारियों, जिलाध्यक्षों, जिला संयोजकों, मोर्चों के पदाधिकारियों और जिलों से जुड़े जनप्रतिनिधियों समेत करीब 700 पदाधिकारियों के जुटने की भी बात सामने आ रही है.
बीजेपी की कोशिश है कि सेवा संकल्प अभियान के जरिए प्रधानमंत्री मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन, केंद्र सरकार की उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं को घरघर और बूथ स्तर तक पहुंचाया जाए. इस अभियान के दौरान सामाजिक कार्यक्रमों के साथ केंद्र सरकार की उपलब्धियों की प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी. पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के विकास कार्यों को मॉडल के तौर पर प्रस्तुत करने की योजना भी है।
वोटर लिस्ट और नए मतदाताओं पर सपा की नजर
वहीं समाजवादी पार्टी भी आज संगठन की अहम बैठक कर रही है. पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव प्रदेश के सभी 75 जिलों के जिलाध्यक्षों और शहर अध्यक्षों के साथ बैठक करेंगे.सपा की बैठक का फोकस Form6 के जरिए नए मतदाताओं को जोड़ने के अभियान पर है. पार्टी बूथ स्तर पर मतदाता सूची की समीक्षा और नए वोटरों को जोड़ने की रणनीति पर चर्चा करेगी. यानी BJP जहां अपने अभियानों के जरिए सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने की तैयारी कर रही है, वहीं सपा की नजर सीधे वोटर लिस्ट और बूथ मैनेजमेंट पर है.
बसपा की बैठक में संगठन, फंड और प्रत्याशियों पर मंथन
तीसरी बड़ी बैठक बहुजन समाज पार्टी की है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। मायावती ने लखनऊ में प्रदेश के सभी 75 जिलों के जिलाध्यक्षों और वरिष्ठ पदाधिकारियों को बुलाया है. बैठक में पार्टी के संगठन की जमीनी स्थिति, आर्थिक मजबूती, संभावित प्रत्याशियों और 2027 के चुनावी रोडमैप पर चर्चा होगी. मायावती पहले ही साफ कर चुकी हैं कि BSP उत्तर प्रदेश में अकेले चुनाव मैदान में उतरेगी. ऐसे में बसपा की बैठक को संगठन को फिर से सक्रिय करने और चुनावी तैयारियों को जमीन पर उतारने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.
तीन दल, तीन रणनीति… नजर 2027 पर
सोमवार की इन तीन बैठकों में तीनों दलों की अलगअलग प्राथमिकताएं साफ दिखाई दे रही हैं.
BJP सरकार के काम, सेवा अभियान और संगठन को बूथ तक मजबूत करने पर जोर.
SP मतदाता सूची, नए वोटर और बूथ स्तर की तैयारी पर फोकस.
BSP संगठन की मजबूती, आर्थिक संसाधन और संभावित प्रत्याशियों पर मंथन.
दिलचस्प बात यह है कि तीनों दलों की गतिविधियां राजधानी लखनऊ में एक ही दिन हो रही हैं. इससे साफ संकेत है कि 2027 का चुनाव अभी भले दूर हो, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियों को चुनावी मोड में ले जाना शुरू कर दिया है. अब सत्ता पर कौन काबिज होगा और किसकी रणनीति को कामयाबी मिलेगी ये तो चुनाव नतीजों के बाद ही पता चलेगा.



