Prayagraj Flood Alert: मॉनसूनी बारिश ने उत्तर प्रदेश में तांडव मचा रखा है. मौसम विभाग ने अगले एक सप्ताह राज्य में झमाझम बारिश की संभवना जताई है. लागातार हो रही बारिश से राज्य में नदियां ऊफान पर हैं. प्रयागराज में गंगा और यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है. इससे जिले में एक बार फिर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। गंगा और यमुना के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रयागराज में रेड अलर्ट जारी किया गया है.

माना जा रहा है कि अगले दो दिनों में जिले में गंगा और यमुना जलस्तर और बढ़ सकता है. रविवार को महज आठ घंटे के भीतर दोनों नदियों का जलस्तर 26 से 40 सेंटीमीटर तक बढ़ गया. पिछले 24 घंटे में अलगअलग स्थानों पर इन दोनों नदियों के जलस्तर में एक मीटर की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है. खतरे का निशान 84.734 मीटर और चेतावनी बिंदु 83.73 मीटर है.

गंगा और यमुना अभी चेतावनी बिंदु से नीचे

गंगा चेतावनी बिंदु से महज 1.57 मीटर और यमुना 1.71 मीटर नीचे है. नदियों के बढ़ते जलस्तर से प्रशासन और तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है. फिलहाल दोनों नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है और प्रशासन के अनुसार, सभी तटबंध सुरक्षित हैं. हालांकि, जिस तेजी से प्रयागराज में गंगा और यमुना नदी का जलस्तर बढ़ रहा है. उससे ये आशंका पैदा हो गई है कि आने वाले दिनो में यहां हालात गंभीर हो सकते हैं.

हालात गंभीर होने की आशंका को देखते हुए संगम और नदी किनारे के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है.गंगा और यमुना का जो जलस्तर बढ़ा है, उसका प्रभाव अब ग्रामीण इलाकों में साफ नजर आने लगा है. गंगा किनारे की रिवर फ्रंट रोड पानी में डूब गई है. नालों के रास्ते अब कई इलाकों में पानी घुसने लगा है. कई गांवों में धीरेधीरे बाढ़ का पानी पहुंचने लगा है.

संवेदनशील इलाकों पर प्रशासन की नजर

फिलहाल प्रशासन ने कहा है कि तटबंध सुरक्षित है, लेकिन नदियों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है. संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है. बता दें कि गंगा और यमुना का पानी अभी खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन अगर गंगा और यमुना का जलस्तर इसी स्पीड से बढ़ा तो प्रयागराज के निचले और बाढ़ प्रभावित इलाकों में परेशानियां आ सकती हैं.