Nepal flash floods Live: नेपाल में 26 अगस्त को आई भीषण फ्लैश फ्लड के बाद हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं। नेपालतिब्बत सीमा से सटे इलाकों में बाढ़ और मलबे ने भारी तबाही मचाई है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, हादसे में अब तक 734 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 3,000 लोग लापता बताए जा रहे हैं। खराब मौसम की वजह से राहत और बचाव अभियान में भी लगातार मुश्किलें आ रही हैं।

इसी बीच भोटेकोशी नदी में पानी का बहाव बढ़ने की आवाज सुनाई देने के बाद नेपाल के रसुवा, नुवाकोट और धादिंग के नदी किनारे बसे इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों से सावधानी बरतने को कहा है।
भारत ने भेजी राहत की चौथी खेप
नेपाल में जारी राहत और बचाव अभियान के बीच भारत ने C130J सैन्य विमान के जरिए नेपाल के लिए राहत सामग्री की चौथी खेप रवाना की है। इस खेप में करीब 11 टन राहत सामग्री भेजी गई है। ये खबर आप हिमाचल से में पढ़ रहे हैं। इसमें सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन में इस्तेमाल होने वाले जरूरी उपकरणों के साथ एक तकनीकी टीम भी शामिल है। इसके अलावा DNA जांच के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों को भी नेपाल भेजा गया है, ताकि आपदा में लापता और मृत लोगों की पहचान में मदद मिल सके।
275 से ज्यादा भारतीय अब भी लापता
बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक भी प्रभावित हुए हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 275 से ज्यादा भारतीय अभी लापता हैं, जबकि 108 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। इसके अलावा भारतीय मूल के करीब 128 लोग भी अब तक संपर्क में नहीं आ पाए हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, पिछले दो दिनों में 598 भारतीय नागरिक चीन से सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं। वहीं करीब 900 भारतीय अभी चीन की तरफ मौजूद हैं और सभी सुरक्षित बताए जा रहे हैं।
खराब मौसम बना सबसे बड़ी चुनौती
नेपाल में राहत और खोज अभियान के सामने सबसे बड़ी चुनौती खराब मौसम है। लगातार बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण कई इलाकों में पहुंचना मुश्किल हो रहा है। मलबे में दबे लोगों की तलाश और प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाने के लिए सुरक्षा एजेंसियां लगातार काम कर रही हैं।
उत्तराखंड में भी बारिश का असर, चारधाम यात्रा जारी
नेपाल के साथसाथ पड़ोसी उत्तराखंड में भी बारिश का दौर जारी है। लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेश में कई सड़कें प्रभावित हुई हैं। हालांकि, प्रशासन के मुताबिक चारधाम यात्रा फिलहाल सुचारू रूप से चल रही है।
आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि चारधाम यात्रा से जुड़े ज्यादातर प्रमुख मार्ग खुले हुए हैं। बारिश के दौरान अलगअलग समय पर प्रदेश में 2,000 से ज्यादा सड़कें प्रभावित हुई थीं, जिनमें से 95 फीसदी से अधिक को बहाल कर दिया गया है। जो मार्ग अभी भी बाधित हैं, उन्हें जल्द खोलने का काम जारी है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें यात्रा मार्गों पर लगातार निगरानी कर रही हैं। संवेदनशील स्थानों पर मशीनरी और जरूरी संसाधन तैनात किए गए हैं, ताकि सड़क बंद होने की स्थिति में उसे जल्द बहाल किया जा सके।
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श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर फोकस
प्रशासन का कहना है कि मौसम की स्थिति को देखते हुए चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। यात्रा मार्गों, मौसम और संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। फिलहाल नेपाल में बाढ़ से तबाही का दौर जारी है, वहीं उत्तराखंड में बारिश के बीच चारधाम यात्रा को सामान्य बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है।
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