Muharram Attack: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मुहर्रम जुलूस के दौरान एक ऐसा खौफनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाला वाकया सामने आया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं. जानकारी के अनुसार, भायखला और जेजे फ्लाईओवर इलाके में चल रहे मुहर्रम के पवित्र जुलूस को निशाना बनाकर हजारों लोगों की ‘सामूहिक हत्या’ करने की एक बेहद डरावनी साजिश को मुंबई पुलिस ने अपनी मुस्तैदी से नाकाम कर दिया है.

पुलिस ने मौके से फयाज प्रेमजी नाम के एक सिरफिरे आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से चूहे मारने वाले घातक केमिकल से भरे 14900 जहरीले कैप्सूल बरामद किए हैं. सेंट्रल जोन1 के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस जयंत मीणा के मुताबिक, आरोपी का कबूलनामा बेहद चौंकाने वाला है.
पकड़े जाने के बाद उसने पुलिस के सामने उबला कि मैं इस धार्मिक जुलूस को निशाना बनाकर कम से कम 15000 लोगों को मौत के घाट उतारना चाहता था. दरअसल, आरोपी फयाज उन शिया श्रद्धालुओं को खास तौर पर निशाना बना रहा था जो मातम मना रहे थे. वह दर्द से राहत दिलाने वाली ‘पेनकिलर’ बताकर लोगों को मौत के ये कैप्सूल बांट रहा था.
15 दिन होटल में रुककर तैयार किया मौत का सामान
इस खौफनाक साजिश का पर्दाफाश तब हुआ जब शनिवार तड़के करीब 4 बजे, जुलूस में शामिल सलमान सैयद नाम के एक युवक ने यह कैप्सूल खाया और कुछ ही देर में उसे पेट में भयानक दर्द के साथ खून की उल्टियां होने लगीं. डॉक्टरों ने तुरंत खतरे को भांपकर पुलिस को अलर्ट किया. पुलिस ने तुरंत जाल बिछाया और डोंगरी इलाके के एक गेस्ट हाउस से आरोपी फयाज प्रेमजी को दबोच लिया, जहां वह पिछले 15 दिनों से डेरा डाले हुए था.
जांच में पता चला कि मूल रूप से पुणे के विमान नगर का रहने वाला फयाज एक पढ़ालिखा है और उसके पिता का पेंट का बिजनेस है. उसने ऑनलाइन 50 किलोग्राम जिंक फॉस्फाइड और 30000 खाली कैप्सूल ऑर्डर किए थे. वह हर कैप्सूल में 11 ग्राम जहर भरकर लोगों को बांट रहा था. यह केमिकल पेट में जाते ही इंसान के अंगों को पूरी तरह फेल कर देता है.
खुफिया विभाग और महाराष्ट्र एटीएस भी अब इस मामले की जांच में जुट गई है, क्योंकि आरोपी का अंतरराष्ट्रीय लिंक सामने आया है. वह पिछले कुछ सालों में 19 बार ईरान और इराक की यात्रा कर चुका है, जहां उसकी बहन डॉक्टर है. पुलिस अब उसके वित्तीय लेनदेन और किसी बड़े आतंकी नेटवर्क से जुड़े होने के एंगल की गहराई से तफ्तीश कर रही है.



